कोलकाताः ‘डीजे मामले’ के नाम से चर्चित चुनावी भाषण विवाद में अब तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी को अपनी आवाज का नमूना देना होगा। यह कदम विधाननगर कोर्ट के उस आदेश के बाद आया है, जिसमें सीआईडी (CID) की वॉयस सैंपल लेने की अर्जी स्वीकार कर ली गई।
कोर्ट के निर्देश के अनुसार, 30 जून को अभिषेक बनर्जी को सशरीर उपस्थित होकर अपनी आवाज रिकॉर्ड करानी होगी। यह पूरी प्रक्रिया मैजिस्ट्रेट की निगरानी में और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में पूरी की जाएगी।
यह मामला विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए कथित उकसाने वाले भाषण से जुड़ा है, जिसे लेकर विधाननगर साइबर क्राइम थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में जांच का जिम्मा सीआईडी को सौंप दिया गया।
जांच के दौरान सीआईडी ने संबंधित भाषण के वीडियो और ऑडियो क्लिप एकत्र कर उनका विश्लेषण शुरू किया है। अब अभिषेक बनर्जी के वॉयस सैंपल मिलने के बाद उन्हें जांच में मौजूद रिकॉर्डिंग से मिलान किया जाएगा, ताकि सत्यता की पुष्टि की जा सके।
इससे पहले 16 जून को अभिषेक बनर्जी भवानी भवन में सीआईडी के समक्ष पेश हुए थे, जहां उनसे लगभग साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की गई थी। इसके अलावा जांच एजेंसी ने उनके कथित भाषण के वीडियो अपलोड से जुड़े पहलुओं की जांच के लिए उनकी रिश्तेदार आदिति गायेन से भी पूछताछ की थी।
हालांकि, इस पूरे मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। अभिषेक बनर्जी की ओर से इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया गया है। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान इस मामले में न तो कोई औपचारिक शिकायत दर्ज की गई थी और न ही उस समय कोई एफआईआर हुई थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि समान प्रकृति के बयानों को लेकर अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।