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जलवायु परिवर्तन का कहरः फ्रांस और ब्रिटेन में भीषण गर्मी का कहर, रेड अलर्ट, तापमान तोड़ सकता है रिकॉर्ड

पांच दिनों में 40 लोगों की मौत, 40°C से ऊपर पहुंच सकता है पारा, नए रिकॉर्ड टूटने की आशंका। स्कूल, रेल सेवाएं और खेल गतिविधियां भीषण ताप लहर से प्रभावित।

By डॉ. अभिज्ञात

Jun 23, 2026 19:24 IST

पेरिसः फ्रांस इस समय असाधारण और खतरनाक गर्मी की चपेट में है। देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ है, जिससे करोड़ों लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तापमान के कई पुराने रिकॉर्ड टूट सकते हैं। इस बीच पिछले पांच दिनों में देशभर में डूबने की घटनाओं में 40 लोगों की मौत ने चिंता और बढ़ा दी है।

फ्रांस की राष्ट्रीय मौसम एजेंसी मेटेओ फ्रांस ने देश के 54 विभागों में रेड हीटवेव अलर्ट जारी किया है। यह संख्या देश के लगभग आधे हिस्से को कवर करती है। एजेंसी के अनुसार तापमान दिन और रात दोनों समय असामान्य रूप से ऊंचा बना रहेगा, जिससे लोगों को राहत मिलने की संभावना कम है। मौसम विभाग ने कहा कि पूरे फ्रांस में तेज धूप और गर्म हवाओं का प्रभाव बना हुआ है, जिसके कारण अत्यधिक गर्म और थका देने वाली परिस्थितियां उत्पन्न हो रही हैं। अनुमान है कि सप्ताह के अंत तक यह स्थिति बनी रह सकती है।

40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचेगा तापमान

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार कई शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच सकता है। मेटेओ फ्रांस ने कहा है कि आने वाले दिनों में कुछ ऐसे तापमान रिकॉर्ड भी टूट सकते हैं जो अब तक वर्ष के किसी भी समय दर्ज नहीं किए गए हैं। एजेंसी ने यह भी कहा कि इस वर्ष गर्मी की यह लहर गर्मियों की शुरुआत में ही अत्यधिक तीव्र रूप में सामने आई है। हालांकि इसकी अवधि कितनी लंबी होगी, इसे लेकर अभी पूरी तरह स्पष्टता नहीं है।

डूबने से पांच दिनों में 40 लोगों की मौत

फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने एक संकट समीक्षा बैठक के बाद बताया कि पिछले गुरुवार से अब तक देश में डूबने की घटनाओं में 40 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मृतकों में अधिकांश युवा शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि अत्यधिक गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग जलाशयों, समुद्र तटों और तैराकी स्थलों की ओर जा रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ गया है।

स्कूल, रेल सेवाएं और खेल गतिविधियां प्रभावित

फ्रांस में अधिकांश स्थानों पर एयर कंडीशनिंग की व्यापक व्यवस्था नहीं है। ऐसे में भीषण गर्मी का असर स्कूलों, रेल सेवाओं और खेल आयोजनों पर भी दिखाई दे रहा है। कई क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

2003 की विनाशकारी गर्मी की यादें ताजा

मौजूदा ताप लहर की तुलना अगस्त 2003 में आई भीषण गर्मी से की जा रही है। उस समय आधी सदी से अधिक अवधि के सबसे ऊंचे तापमान दर्ज किए गए थे और अनुमानित 15,000 लोगों की मौत हुई थी। मृतकों में बड़ी संख्या बुजुर्गों की थी, जो बिना एयर कंडीशनिंग वाले घरों और वृद्धाश्रमों में रह रहे थे। इसी त्रासदी के बाद फ्रांस ने हीटवेव निगरानी और चेतावनी प्रणाली लागू की थी।

जलवायु परिवर्तन को माना जा रहा बड़ा कारण

विशेषज्ञों का कहना है कि मानव गतिविधियों से उत्पन्न जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया भर में चरम मौसम की घटनाएं अधिक तीव्र और लगातार हो रही हैं। संयुक्त राष्ट्र की जलवायु एजेंसियों के अनुमानों के अनुसार अगले पांच वर्षों में और अधिक तापमान रिकॉर्ड टूट सकते हैं।

यूरोप सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप

यूरोपीय संघ की कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस के अनुसार 1980 के दशक से यूरोप का तापमान वैश्विक औसत की तुलना में लगभग दोगुनी गति से बढ़ रहा है। इसी कारण यूरोप को दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप माना जाता है।

चार वर्षों में गर्मी से 2 लाख से अधिक मौतें

विश्व स्वास्थ्य संगठन के यूरोप कार्यालय ने इस महीने कहा कि पिछले चार वर्षों में पूरे यूरोप में गर्मी से जुड़ी वजहों से दो लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है। संगठन के अनुसार इनमें से अधिकांश मौतों को उचित तैयारी और सुरक्षा उपायों के जरिए रोका जा सकता था। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक तापमान हीट एग्जॉशन और जानलेवा हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

ब्रिटेन में भी बढ़ा गर्मी का खतरा

फ्रांस के साथ-साथ ब्रिटेन भी भीषण गर्मी की चपेट में आता दिखाई दे रहा है। ब्रिटेन की मौसम एजेंसी मेट ऑफिस ने बुधवार और गुरुवार के लिए रेड एक्सट्रीम हीट चेतावनी जारी की है। पूर्वानुमान के अनुसार जून महीने के अब तक के दैनिक तापमान रिकॉर्ड टूट सकते हैं। दक्षिणी इंग्लैंड में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जबकि दक्षिण-पूर्वी वेल्स में यह 35 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।

39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है तापमान

मौसम विभाग का अनुमान है कि बुधवार और गुरुवार को गर्मी अपने चरम पर होगी। इस दौरान तापमान कम से कम 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि शुक्रवार से मौसम में कुछ राहत मिलने की संभावना जताई गई है।

वर्ष 2024 रहा अब तक का सबसे गर्म वर्ष

यूरोपीय संघ की निगरानी एजेंसी के अनुसार यूरोप और वैश्विक स्तर पर वर्ष 2024 अब तक का सबसे गर्म वर्ष दर्ज किया गया। इसी दौरान महाद्वीप ने अत्यधिक गर्मी वाले दिनों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या भी दर्ज की। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन दक्षिण-पूर्वी यूरोप में गर्मी और सूखे की घटनाओं को और अधिक तीव्र बना रहा है। इससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ रहे हैं और जंगलों में आग लगने की आशंका भी लगातार बढ़ रही है।

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