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बिना अंग्रेजी दवाई और इंसुलिन कैसे अपने ब्लड शुगर को नियंत्रित रखते हैं केंद्रीय मंत्री अमित शाह?

अमित शाह कहते हैं कि बिना किसी 'क्रैश डायट' अथवा दवाई के ही उन्होंने अपनी ब्लड शुगर यानी डाइबिटिज की बीमारी को दूर भगाया है।

By Moumita Bhattacharya

Jun 23, 2026 18:30 IST

राजनीतिक व्यस्तता के बीच भी खुद को पूरी तरह से निरोग रखने में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कोई जोड़ नहीं है। पिछले कुछ दिनों से उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वह अपने स्वास्थ्य का राज बताते दिख रहे हैं।

पिछले 4 सालों से वह किस प्रकार अपना जीवनयापन कर रहे हैं, इस बारे में वह इस वीडियो में बात करते नजर आ रहे हैं। अमित शाह कहते हैं कि बिना किसी 'क्रैश डायट' अथवा दवाई के ही उन्होंने अपनी ब्लड शुगर यानी डाइबिटिज की बीमारी को दूर भगाया है। सिर्फ इतना ही नहीं उन्होंने अपना 20 किलो वजन भी घटाया है। पर कैसे?

पिछले दिनों दिल्ली के इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड विलियरी साइंस (ILBS) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन के कुछ मंत्रों का खुलासा किया।

उन्होंने बताया कि बिना डायट किए ही उन्होंने पर्याप्त नींद, पानी और योग-व्यायाम के माध्यम से अपना वजन करीब 20 किलो कम किया है। उन्होंने कहा कि कठोर अनुशासन, उचित नींद, अल्पाहार, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और नियमित व्यायाम करने की वजह से ही यह संभव हो सका है।

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अपनी फिटनेस जर्नी के बारे में बात करते हुए अमित शाह ने कहा कि मुझे पहले डायबिटिज की बीमारी थी। मई 2020 के बाद मैंने अपने जीवन में कई बदलाव लाए हैं। मैं नींद का समय निर्धारित कर लिया है।

पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की आदत डाली और सही डायट के अनुसार ही खाना खाता हूं। इसके साथ ही मैं नियमित रूप से व्यायाम करता हूं। इन आसान आदतों की वजह से मैं पूरी तरह से निरोग और स्वस्थ जीवन में वापस लौट सका।

Image : ANI

उन्होंने बताया कि जीवन में सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि पिछले 4 सालों के दौरान मैं सारी अंग्रेजी दवाईयां और इंसुलिन से पूरी तरह से मुक्त हो गया हूं। इतना ही नहीं इस नियम को मानकर ही उन्होंने करीब 20 किलो वजन भी कम किया है।

केंद्रीय मंत्री का कहना है कि इसकी वजह से उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ी है। मेरी सोचने-समझने की शक्ति विकसित हुई है और सही समय पर सही फैसला लेने की क्षमता बढ़ी है। अमित शाह का मानना है कि इस वजह से देश के गृह मंत्री की जिम्मेदारियों को संभालने में उन्हें काफी मदद मिलती है।

डॉक्टरों का मानना है कि अमित शाह के बयान से दो बातें पूरी तरह से स्पष्ट होती हैं - टाइप 2 डायबिटिज और अतिरिक्त वजन की समस्या जैसी मेटाबॉलिक समस्याओं का समाधान सिर्फ दवाईयों के माध्यम से नहीं बल्कि दिनचर्या में कुछ बदलाव करने के बाद ही संभव हो पाता है।

इसके साथ ही कुछ और बातों का ध्यान जरूर रखें :-

धैर्य और निरंतरता - अमित शाह ने जल्दबाजी वाला या क्विक फिक्स क्रैश डायट के पीछे नहीं भागे। 4.30 सालों से लगातार नियमों का पालन करते हुए उन्होंने थोड़ा-थोड़ा कर अपना 20 किलो वजन घटाया।

हाईड्रेशन - शरीर से टॉक्सीन को बाहर निकालने और मेटाबॉलिज्म को ठीक रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और सही समय पर खाना बहुत जरूरी है।

नींद - आधुनिक शोध में भी कहा गया है कि कम नींद या अनियमित नींद की वजह से शरीर में इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ जाता है जो डायबिटीस का मुख्य कारण है। केंद्रीय गृह मंत्री ने नींद के समय में सुधार लाकर इस समस्या को जड़ से खत्म किया।

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