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तारातला आपदा: निर्माणाधीन गोदाम ढहने के बाद सेना उतरी मैदान में, नबान्न में खोला गया कंट्रोल रूम

मलबे में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर राहत-बचाव अभियान, सेना, एनडीआरएफ, पुलिस और दमकल की संयुक्त कार्रवाई।

कोलकाताः कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम की छत ढहने से हुए भीषण हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान को और तेज कर दिया गया है। ब्रेस ब्रिज ट्रांसपोर्ट डिपो के पास बुधवार दोपहर हुए इस हादसे में कई मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना को भी बचाव कार्य में शामिल किया गया है।

प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके लिए सेना, आपदा प्रतिक्रिया बल, कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग और अन्य बचाव एजेंसियां संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं। राहत कार्य में अत्याधुनिक क्रेन, भारी मशीनें और गैस कटर का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि लोहे के विशाल ढांचे और बीमों को हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचा जा सके।

हादसे की सूचना मिलते ही राज्य सरकार ने भी सक्रियता दिखाई। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से नबन्ना में एक नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किया गया है। लोगों की सहायता और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।

हेल्पलाइन नंबर:

1070

8697981070

033-22143526

033-22535185

घटनास्थल पर राज्य सरकार के मंत्री इंद्रनील खान और मंत्री अग्निमित्र पाल पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। वहीं कोलकाता पुलिस आयुक्त स्मिता पांडे भी मौके पर मौजूद हैं और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बनाए हुए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोदाम की लोहे की छत की ढलाई का काम चल रहा था, तभी ढांचा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। इसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई एंबुलेंस लगातार घायलों को अस्पताल पहुंचाने में लगी हुई हैं, जबकि बचावकर्मी समय के खिलाफ दौड़ लगाकर मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी जानकारी या सहायता के लिए जारी हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करने की अपील की है। हादसे के कारणों की जांच बाद में की जाएगी, लेकिन फिलहाल पूरा ध्यान राहत और बचाव अभियान पर केंद्रित है।

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