नई दिल्ली : भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम को आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारियों के लिए बड़ा अवसर मिलने जा रहा है। हॉकी इंडिया ने 5 से 14 जुलाई तक होने वाले यूनाइटेड किंगडम (यूके) दौरे के लिए 24 सदस्यीय भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम की घोषणा कर दी है।
नए मुख्य कोच टिम व्हाइट के नेतृत्व में भारतीय टीम स्कॉटलैंड और इंग्लैंड में कुल सात मुकाबले खेलेगी। यह दौरा आगामी टूर्नामेंटों, खासकर जूनियर एशिया कप की तैयारियों को मजबूत करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
टीम की कमान खैदेम शिलीमा चानू को सौंपी गई है। वहीं गोलकीपिंग की जिम्मेदारी निधि और एंगिल हर्षा रानी मिंज संभालेंगी। भारतीय टीम में कई युवा खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जिन्हें विदेशी टीमों के खिलाफ खेलने का अनुभव मिलेगा।
रक्षा पंक्ति में पूजा साहू, सुप्रिया, मधु, एफ. ललबी अक्सियामी, ललनेइहपुई, पार्वती टोपनो को जगह मिली है। मिडफील्ड में कप्तान खैदेम शिलीमा चानू के साथ तनुजा टोप्पो, सुप्रिया कुजूर, पूजा मलिक, बिनीमा धन, गीता यादव, रोशनी ऐंद और तनुश्री दिनेश कडु शामिल हैं।
फॉरवर्ड लाइन में सुखवीर कौर, शशि खासा, लालरिनपुई, निशा मिंज, पूर्णिमा यादव, काजल, सानिका चंद्रकांत माने और कृष्णा शर्मा को चुना गया है।
भारतीय टीम का नौ दिवसीय यूके दौरा एडिनबर्ग विश्वविद्यालय में स्कॉटलैंड की सीनियर महिला टीम के खिलाफ दो मुकाबलों से शुरू होगा। इसके बाद टीम लिलेशल नेशनल स्पोर्ट्स सेंटर में अमेरिका, इंग्लैंड और बेल्जियम की जूनियर टीमों के खिलाफ मुकाबले खेलेगी।
इस दौरे के दौरान मुख्य कोच टिम व्हाइट टीम की रणनीति और खिलाड़ियों के संयोजन को बेहतर बनाने पर ध्यान देंगे। विदेशी टीमों के खिलाफ प्रतिस्पर्धी मुकाबलों से खिलाड़ियों को अपनी कमजोरियों और ताकत को समझने का मौका मिलेगा।
कोच टिम व्हाइट ने टीम चयन और दौरे के महत्व पर कहा कि यूके दौरा जूनियर टीम के विकास की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि टीम में कई ऐसी युवा खिलाड़ी हैं, जिन्हें विदेशी टीमों के खिलाफ खेलने का अधिक अनुभव नहीं मिला है। ऐसे में यह दौरा व्यक्तिगत और टीम दोनों स्तर पर सीखने का बड़ा अवसर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि टीम को मजबूत विपक्षी टीमों के खिलाफ चुनौती मिलेगी, लेकिन हर मुकाबले को सीखने के अवसर के रूप में लिया जाएगा। पिछले 10 सप्ताह से जिस खेल शैली पर काम किया जा रहा है, उसे इन मैचों में लागू करने की कोशिश होगी।
टिम व्हाइट ने यह भी कहा कि यह दौरा आगामी एशिया कप के लिए शानदार तैयारी साबित होगा। इसके जरिए टीम अपनी मजबूती को पहचानने के साथ-साथ उन क्षेत्रों पर भी काम कर सकेगी, जहां सुधार की जरूरत है।