रायपुर : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से वन्यजीव संरक्षण के लिए उत्साहजनक खबर सामने आई है। लगभग आठ वर्षों के लंबे अंतराल के बाद यहां एक बाघिन की मौजूदगी दर्ज की गई है। अखिल भारतीय बाघ गणना 2026 के दौरान लगाए गए ट्रैप कैमरों में बाघिन की तस्वीरें और वीडियो कैद हुए हैं जिससे वन विभाग और संरक्षण एजेंसियों में खुशी का माहौल है।
वन अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक सत्यापन के बाद बाघिन की तस्वीरें राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) को भेजी गईं। जांच में इस बाघिन का कोई पूर्व रिकॉर्ड नहीं मिला जिसके चलते इसे देश की बाघ आबादी के आंकड़ों में एक नई प्रविष्टि के रूप में शामिल किए जाने की संभावना है। यह उपलब्धि रिजर्व में चल रहे संरक्षण प्रयासों की सफलता का संकेत मानी जा रही है।
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप निदेशक वरुण जैन ने बताया कि ट्रैप कैमरों में लगातार बाघिन की गतिविधियां दर्ज हो रही हैं। इससे संकेत मिलते हैं कि वह इस क्षेत्र में अपना स्थायी इलाका विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में पहली बार किसी बाघिन ने इस रिजर्व को अपना निवास क्षेत्र चुना है।
वरुण जैन ने बताया कि अप्रैल 2025 में एक नर बाघ भी इस क्षेत्र में आया था। वह छह से आठ महीने तक यहां रहा लेकिन उस समय बाघिन की अनुपस्थिति के कारण बाद में दूसरे क्षेत्र की ओर चला गया। अब बाघिन की मौजूदगी से भविष्य में बाघों की संख्या बढ़ने की उम्मीद मजबूत हुई है।
उन्होंने कहा कि रिजर्व में बाघों के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। वन्यजीवों को पानी उपलब्ध कराने हेतु सौर ऊर्जा संचालित पंप लगाए गए हैं और विभिन्न जल संरचनाएं विकसित की गई हैं। साथ ही महाराष्ट्र से ओडिशा तक फैले वन्यजीव गलियारों की सुरक्षा के लिए लगातार एंटी-पोचिंग अभियान चलाया जा रहा है।
रिजर्व प्रशासन संरक्षण के साथ-साथ इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा दे रहा है। यहां जिप्सी सफारी, ट्रेकिंग, बर्ड वॉचिंग और होमस्टे जैसी गतिविधियां शुरू की गई हैं। उड़ने वाली गिलहरी, रेनबो स्क्विरल और दुर्लभ मलाबार-बिल्ड हॉर्नबिल जैसे जीव-जंतु भी पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार भारत में बाघों की संख्या 2018 के 2,967 से बढ़कर 2022 में 3,682 हो गई थी। देश में वर्तमान में 58 टाइगर रिजर्व अधिसूचित हैं जो भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 2.5 प्रतिशत हिस्सा कवर करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उदंती-सीतानदी में बाघिन की वापसी इस क्षेत्र में आवासीय सुधार और संरक्षण प्रयासों की सफलता का मजबूत संकेत है।