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तारातला में मौत से जंग: ड्रोन, क्रेन और सेना की मदद से मलबे में फंसे मजदूरों की तलाश जारी

निर्माणाधीन गोदाम ढहने के बाद सेना, एनडीआरएफ, दमकल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई। अब तक 12 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।

कोलकाताः कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम के ढहने से हुए भीषण हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। ब्रेस ब्रिज ट्रांसपोर्ट डिपो के निकट बुधवार दोपहर हुई इस दुर्घटना में बड़ी संख्या में मजदूर लोहे के भारी ढांचे और मलबे के नीचे फंस गए। आशंका है कि हादसे के समय गोदाम के भीतर 50 से 60 श्रमिक मौजूद थे।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना, एनडीआरएफ, दमकल विभाग और कोलकाता पुलिस को संयुक्त रूप से बचाव अभियान में लगाया गया है। राहतकर्मी समय के खिलाफ दौड़ लगाते हुए मलबे में दबे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।

बचाव कार्य के लिए दो विशाल क्रेन, बुलेट चेन सॉ, गैस कटर और पांच से छह अर्थ मूवर मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। लोहे के भारी बीमों और धातु की चादरों को काटकर हटाया जा रहा है, जबकि बड़े ढांचों को क्रेन की सहायता से उठाया जा रहा है ताकि नीचे फंसे मजदूरों तक पहुंचा जा सके।

तकनीक का भी व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है। घटनास्थल पर ड्रोन के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है। विशाल क्षेत्र में फैले ढहे हुए ढांचे के भीतर कहां-कहां लोग फंसे हो सकते हैं, इसका पता लगाने के लिए हवाई सर्वेक्षण किया जा रहा है। वहीं हाइड्रोलिक सीढ़ियों की मदद से ऊंचाई पर फंसे लोगों तक पहुंचने का भी प्रयास किया जा रहा है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, शाम चार बजे तक 12 लोगों को मलबे से निकालकर एसएसकेएम अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें कई श्रमिक गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों का इलाज ट्रॉमा केयर सेंटर में चल रहा है, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है।

फिलहाल पूरा प्रशासन बचाव अभियान पर केंद्रित है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि मलबे के नीचे कोई व्यक्ति फंसा नहीं है, तब तक अभियान जारी रहेगा। हादसे के कारणों की जांच बाद में की जाएगी, लेकिन अभी प्राथमिकता हर संभव जीवन को बचाना है।

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