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राहुल गांधी का धर्मेंद्र प्रधान पर हमला, शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक को लेकर सियासी घमासान तेज

छात्रों के अधिकार, निष्पक्ष परीक्षा और रोजगार के मुद्दों को नजरअंदाज कर रही सरकार।

By शिखा सिंह

Jun 25, 2026 15:33 IST

नई दिल्ली : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों की समस्याओं और उनके अधिकारों को लेकर आवाज उठाने वालों के प्रति संवेदनशील नहीं है। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री से देश के युवाओं से माफी मांगने और अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है।

राहुल गांधी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार अब उन छात्रों को निशाना बना रही है, जो अपने अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षाओं और बेहतर भविष्य की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री उन छात्रों को ‘आतंकवादी’ बता रहे हैं, जो केवल अपने अधिकारों, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षित भविष्य की मांग कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि यह सरकार की मानसिकता को दर्शाता है।

कांग्रेस नेता ने परीक्षा प्रणाली को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक की घटनाओं और शिक्षा व्यवस्था की खामियों ने देश के लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जिनकी नाकामियों के कारण कई पेपर लीक हुए और जिनके कार्यकाल में 20 बच्चों की जान चली गई, वही आज परेशान छात्रों और अपनी आवाज उठाने वालों को गलत नाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को ‘पेशेवर आंदोलनकारी’ और ‘परजीवी’ कहा गया, सवाल पूछने वालों को ‘राष्ट्र विरोधी’ बताया गया और अब युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना करने या सवाल उठाने वालों को अलग-अलग नामों से बुलाना उसकी राजनीति का हिस्सा बन गया है। राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को देश के लाखों युवाओं से तुरंत माफी मांगनी चाहिए और अपनी असफलताओं की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।

राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी पुरानी मांग दोहराते हुए कहा कि उन्होंने कोटा में भी इस मुद्दे को उठाया था और आगे भी उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था कई जगहों पर छात्रों के लिए परेशानी का कारण बन गई है।

उन्होंने कहा कि हर बच्चे को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना जरूरी है और वह इस मुद्दे को उठाना बंद नहीं करेंगे।

राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने जंतर-मंतर पर अपने इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शन को ‘विघटनकारी तत्वों की बी टीम’ बताया था।

धर्मेंद्र प्रधान ने एक साक्षात्कार में कहा था कि लोकतंत्र में अस्वीकार किए गए लोग अब अलग रूप में सामने आकर व्यवस्था को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ लोग देश को बांटने वालों के समर्थन में नारे लगाते हैं।

इस बीच 21 जून को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 की दोबारा आयोजित की गई परीक्षा देशभर के साथ-साथ विदेशों के 14 केंद्रों पर भी पूरी हुई। हालांकि यह परीक्षा भी पेपर लीक विवाद के साये में आयोजित हुई।

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