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हवाई यात्रियों को मिल सकती है राहत, सरकार एयरलाइंस से सरचार्ज और अतिरिक्त शुल्क घटाने पर करेगी चर्चा

एटीएफ कीमतों में गिरावट पर नजर, स्थायी राहत के संकेत मिलने पर किराया संरचना की होगी समीक्षा। एयरलाइंस के लिए 10,000 करोड़ रुपये का मूल्य स्थिरीकरण कोष भी सक्रिय।

By श्वेता सिंह

Jun 25, 2026 14:13 IST

वाराणसीः विमान ईंधन की कीमतों में नरमी का असर आने वाले समय में हवाई यात्रियों को राहत के रूप में मिल सकता है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने संकेत दिया है कि यदि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतें लंबे समय तक स्थिर रहती हैं, तो सरकार एयरलाइंस कंपनियों से अतिरिक्त शुल्क और सरचार्ज की समीक्षा करने को कह सकती है।

मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार लगातार एटीएफ की कीमतों पर नजर बनाए हुए है और इस विषय पर एयरलाइंस के साथ बातचीत भी कर रही है। सरकार यह आकलन कर रही है कि हाल के दिनों में ईंधन कीमतों में आई गिरावट अस्थायी है या लंबे समय तक बनी रह सकती है।

स्थिरता के बाद किराया घटाने पर होगी बातचीत

राम मोहन नायडू ने कहा कि पिछले कुछ महीने विमानन क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण रहे हैं। ऐसे में किसी भी फैसले से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि ईंधन कीमतों में आई कमी टिकाऊ है। यदि कीमतों में स्थिरता लंबे समय तक बनी रहती है, तो एयरलाइंस के साथ मिलकर मौजूदा अतिरिक्त शुल्क और बढ़े हुए किरायों को कम करने की दिशा में काम किया जाएगा।

सरकार वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के आधार पर हर पखवाड़े एटीएफ दरों की समीक्षा करती है। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनावों के बीच ईंधन लागत विमानन कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

मंत्री ने कहा कि एयरलाइंस को ईंधन कीमतों के झटकों से बचाने के लिए सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये का मूल्य स्थिरीकरण कोष भी बनाया है। इसका उद्देश्य संकट की परिस्थितियों में विमानन कंपनियों को वित्तीय सहारा देना है।

सरकार ने पहले भी उठाए हैं राहत के कदम

भू-राजनीतिक परिस्थितियों और बढ़ती लागत के प्रभाव को कम करने के लिए केंद्र सरकार पहले ही कई कदम उठा चुकी है। इनमें घरेलू अनुसूचित विमानन ऑपरेटरों के लिए एटीएफ कीमतों पर सीमा तय करना, हवाई अड्डा शुल्क में कमी करना और इमरजेंसी क्रेडिट लिंकज योजना के तहत सहायता बढ़ाना शामिल है।

सरकार का मानना है कि ईंधन कीमतों में स्थिरता आने पर उसका लाभ यात्रियों तक पहुंचना चाहिए। इसी उद्देश्य से एयरलाइंस के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा जारी है।

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