कोलकाताः कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम शेड ढहने की घटना के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने गुरुवार को दावा किया कि इस मामले की जांच में कुछ बड़े राजनीतिक नामों के सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
मंत्री ने कहा कि हादसे के पीछे संभावित भ्रष्टाचार की हर पहलू से जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि अब तक कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर और भी प्रभावशाली लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।
दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि राज्य में बाहरी मजदूरों से काम कराया जा रहा है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण निर्दोष लोगों की जान जा रही है। उन्होंने इस पूरी घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
मंत्री ने इस अवसर पर पूर्ववर्ती वाम मोर्चा सरकार और तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में अतीत में बाजारों में आग लगने, पुलों और फ्लाईओवरों के ढहने जैसी घटनाएं बार-बार सामने आती रही हैं, जिनमें जान-माल का भारी नुकसान हुआ। उनके अनुसार, तारातला की घटना भी निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला हो सकती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इतना बड़ा ढांचा निर्माण के दौरान ही कैसे धराशायी हो गया। उनका कहना था कि यदि निर्माण पूरा होने के बाद वहां लोग काम कर रहे होते या गतिविधियां शुरू हो चुकी होतीं, तो जनहानि कहीं अधिक हो सकती थी।
बुधवार को हुई इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है, जबकि 20 लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार घायलों में 18 की हालत स्थिर है, जबकि दो लोगों का इलाज आईसीसीयू में चल रहा है।
मामले में भवन निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे एक सुपरवाइजर और दो श्रमिक आपूर्तिकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस और प्रशासन हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं।
यह दुर्घटना मंगलवार दोपहर लगभग 12 बजकर 7 मिनट पर हुई थी। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। भारतीय सेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें मौके पर लगातार अभियान चला रही हैं और मलबे की गहन तलाशी ली जा रही है।