कोलकाता : कोलकाता के तारातला क्षेत्र में एक निर्माणाधीन गोदाम ढहने की घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल तकनीकी टीमों की जांच जारी है और पूरी रिपोर्ट रात तक मिलने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने नबन्ना (सचिवालय) में प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के इंजीनियरों से प्रारंभिक रूप से जानकारी मिली है कि “डिज़ाइन में खामी” है। उन्होंने कहा, “प्रारंभिक रूप से केएमसी के इंजीनियरों ने हमें बताया है कि त्रुटिपूर्ण प्लान है। तकनीकी लोग काम कर रहे हैं। रात तक रिपोर्ट मिल जाएगी।”
उन्होंने यह भी घोषणा की कि चूंकि विधानसभा सत्र चल रहा है, इसलिए मुआवज़े या अन्य विषयों पर वह कल सुबह 11 बजे विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति लेकर बयान देंगी।
इसी घटना पर मुख्यमंत्री ने बताया कि दोपहर में तारातला में एक निर्माणाधीन गोदाम अचानक ढह गया, जिसके कारण लोहे के शेड के नीचे कई मजदूर दब गए। अब तक इस हादसे में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
राहत और बचाव कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि अब तक कुल 21 लोगों को बाहर निकाला गया है, जिनमें 18 लोग जीवित हैं। कई घायलों का इलाज एसएसकेएम अस्पताल में चल रहा है। अभी भी लगभग 12 से 18 लोग अंदर फंसे होने की आशंका है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, उन्होंने दोपहर लगभग ढाई बजे मुख्य सचिव से बात की थी, जिसके बाद सेना को बुलाने का निर्णय लिया गया। करीब 3:15 से 3:20 बजे के बीच सेना ने बचाव अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि यदि सिविल डिफेंस, कोलकाता पुलिस और अन्य एजेंसियां तेजी से काम नहीं करतीं, तो मृतकों की संख्या और अधिक हो सकती थी।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दक्षिण 24 परगना के मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमओएच) के नेतृत्व में लगभग 20 एम्बुलेंस लगातार काम कर रही हैं और पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की है।
उन्होंने कहा, “बचाव कार्य के लिए कुछ घंटे का समय देना पड़ता है, इसलिए हम थोड़ी देर से पहुंचे। इस ज़ोन में एनडीआरएफ के प्रभारी को भी धन्यवाद देना चाहूंगी।”
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोलकाता नगर निगम की ओर से बताया गया है कि इस इमारत का प्लान 17.1.2026 को स्वीकृत किया गया था। ठेका शंभुनाथ बेहरा नामक व्यक्ति को दिया गया था, जो ‘बेहरा ब्रदर्स’ का साझेदार बताया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में जो भी कानूनी कार्रवाई आवश्यक होगी, वह की जाएगी।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अस्पतालों और सेना से जुड़े निर्माण कार्यों को छोड़कर सभी निर्माणाधीन परियोजनाएँ, विशेषकर वाणिज्यिक कार्य, 31 जुलाई तक बंद रहेंगे। पूरे मामले का ऑडिट किया जाएगा। जिनके दस्तावेज सही पाए जाएंगे, उन्हें 1 अगस्त से काम शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।