🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

तरातला गोदाम हादसा: कोलकाता पुलिस ने दर्ज किया केस, तीन लोग हिरासत में

तरातला दुर्घटना: निर्माण लापरवाही और डिजाइन खामियों की जांच जारी

कोलकाता : तरातला में निर्माणाधीन गोदाम ढहने की घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। हादसे को लेकर अब तक तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दुर्घटना किन कारणों से हुई और निर्माण कार्य में किस स्तर पर लापरवाही बरती गई।

लालबाजार सूत्रों के मुताबिक मामले में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने धारा 105 (लापरवाही के कारण मृत्यु), धारा 110 (अनिच्छापूर्वक मृत्यु कारित करने का प्रयास) तथा धारा 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसियां निर्माण प्रक्रिया, तकनीकी मंजूरी और निगरानी व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

इस बीच प्रशासन की प्राथमिकता राहत और बचाव अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करना है। हादसे के तुरंत बाद व्यापक स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, जो देर रात तक जारी रहा। आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी लोग फंसे हो सकते है इसलिए खोज अभियान लगातार चलाया जा रहा है।

बचाव कार्य में सेना, कोलकाता पुलिस, अग्निशमन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और एनडीआरएफ की टीमें संयुक्त रूप से लगी हुई हैं। मलबा हटाने और संभावित फंसे लोगों की तलाश के लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन ने ड्रोन और स्निफर डॉग्स की भी मदद ली है ताकि किसी भी व्यक्ति के मलबे में फंसे होने की स्थिति का जल्द पता लगाया जा सके।

घटना की गंभीरता को देखते हुए कई वरिष्ठ मंत्री भी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर मंत्री अग्निमित्रा पाल, मंत्री इंद्रनील खां और मंत्री शारद्वत मुखोपाध्याय मौजूद रहे। वहीं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी स्थल का दौरा कर हालात का जायजा लिया और अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रारंभिक जांच में निर्माण योजना से जुड़ी खामियों के संकेत मिले हैं। उनके अनुसार शुरुआती रिपोर्ट में निर्माण के प्लान और संरचनात्मक डिजाइन से संबंधित त्रुटियों की जानकारी सामने आई है। पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

जांच के दौरान भूमि स्वामित्व और परियोजना से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार जिस जमीन पर गोदाम का निर्माण हो रहा था, वह श्यामाप्रसाद मुखर्जी बंदरगाह प्राधिकरण की भूमि है। बंदरगाह प्रशासन ने बताया है कि यह जमीन 30 वर्ष की लीज पर एम/एस बेहरा ब्रदर्स को दी गई थी। लीज अगस्त 2024 से प्रभावी हुई थी और भूमि का उपयोग बहुमंजिला गोदाम निर्माण के लिए किया जाना था।

प्रशासन ने रात के समय भी बचाव कार्य निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था की है। हादसे में घायल लोगों को तत्काल निकालकर एसएसकेएम अस्पताल के ट्रॉमा केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि जब तक यह पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि मलबे के नीचे कोई व्यक्ति फंसा नहीं है, तब तक राहत और बचाव अभियान जारी रहेगा। वहीं पुलिस की जांच समानांतर रूप से चल रही है और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

Articles you may like: