नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जटिल चुनौतियों का प्रभावी समाधान तभी संभव है जब सरकार के सभी अंग एकजुट होकर समन्वित तरीके से कार्य करें। प्रधानमंत्री ने हाल ही में आयोजित नीट-यूजी पुनर्परीक्षा के सफल संचालन को इस सहयोगात्मक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।
नीट-यूजी पुनर्परीक्षा का दिया उदाहरण
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के दौरान नीट-यूजी पुनर्परीक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच प्रभावी तालमेल के कारण परीक्षा का आयोजन सुचारु रूप से संपन्न हो सका। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए "समूची सरकार" दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है, जिसमें सभी संबंधित विभाग साझा जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
समन्वित कार्रवाई को बताया सफलता की कुंजी
प्रधानमंत्री ने कहा कि मंत्रालयों के बीच निर्बाध और समन्वित कार्रवाई किसी भी चुनौती से निपटने की सबसे बड़ी गारंटी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जब विभिन्न विभाग एक-दूसरे के साथ मिलकर कार्य करते हैं, तब कठिन परिस्थितियों का सामना अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने इस प्रकार के सहयोग को प्रशासनिक दक्षता और बेहतर परिणामों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
पश्चिम एशिया संकट के दौरान भी दिया था समन्वय पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के दौरान भी मंत्रालयों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर विशेष बल दिया था। उस समय उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विभागों को मिलकर काम करने को कहा था कि ऊर्जा आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी का असर आम नागरिकों पर न पड़े। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री सुरक्षा को बनाए रखने के साथ-साथ विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया था।
ऊर्जा सुरक्षा के लिए बनाए गए अंतर-मंत्रालयी समूह
पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी परिस्थितियों के बाद केंद्र सरकार ने ऊर्जा स्थिति की निगरानी और आवश्यक निर्णय लेने के लिए अंतर-मंत्रालयी समूहों का गठन किया था। इन समूहों के माध्यम से विभिन्न मंत्रालयों के बीच नियमित समन्वय स्थापित किया गया और हालात की समीक्षा के लिए समय-समय पर बैठकें आयोजित की गईं।
नियमित ब्रीफिंग के जरिए साझा की गई जानकारी
सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े घटनाक्रमों की जानकारी साझा करने के लिए नियमित ब्रीफिंग की व्यवस्था भी की। इन बैठकों में विभिन्न विभागों द्वारा स्थिति का आकलन किया गया और आवश्यक कदमों पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री का मानना है कि ऐसी समन्वित कार्यप्रणाली से न केवल संकटों का बेहतर प्रबंधन किया जा सकता है, बल्कि आम नागरिकों के हितों की भी प्रभावी ढंग से रक्षा की जा सकती है।