मॉस्को: भारत और रूस अपने द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक आपसी व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार का आकार लगभग 60 अरब अमेरिकी डॉलर है। रूस का कहना है कि व्यापारिक और आर्थिक सहयोग लगातार बढ़ रहा है तथा इसे और मजबूत बनाने की दिशा में काम जारी रहेगा।
क्रेमलिन ने व्यापार बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बुधवार को कहा कि रूस और भारत द्विपक्षीय व्यापार की मात्रा बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है और इस सकारात्मक रुझान को आगे भी जारी रखने के प्रयास किए जाएंगे। पेसकोव ने यह टिप्पणी 12वें प्रिमाकोव रीडिंग्स अंतरराष्ट्रीय अकादमिक एवं विशेषज्ञ मंच में भाग लेने के दौरान की।
2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य
दिसंबर पिछले वर्ष रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया था। रूस का मानना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक संबंध इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
भारत को बताया दुनिया की सबसे बड़ी क्षमता वाले देशों में से एक
दिमित्री पेसकोव ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत में लगभग हर क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। रूसी सरकारी समाचार एजेंसी टास के अनुसार पेसकोव ने कहा कि भारत की आर्थिक क्षमता और विकास की गति उसे वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण शक्ति बनाती है।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग से मजबूत हुई साझेदारी
पेसकोव ने कहा कि भारत और रूस के संबंध विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों में साझा भागीदारी के कारण और अधिक मजबूत हुए हैं। उन्होंने कहा कि रूस इस साझेदारी को बहुत महत्व देता है और दोनों देश सहयोग के नए क्षेत्रों की तलाश करते हुए अपने संबंधों को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी मौजूद है, जो समय के साथ और मजबूत होती जा रही है।
भारत की विकास यात्रा की सराहना
बाद में रूस टुडे को दिए गए एक साक्षात्कार में दिमित्री पेसकोव ने भारत को दुनिया के सबसे बड़े देशों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि भारत बहुत तेज विकास दर के साथ आगे बढ़ रहा है। पिछले 25 वर्षों में भारत ने आर्थिक और सामाजिक विकास के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं और कई चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना
दिमित्री पेसकोव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व सफल रहा है और उनके कार्यकाल में भारत ने विकास के कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। पेसकोव के अनुसार भारत की प्रगति और बढ़ती वैश्विक भूमिका उसे रूस के लिए एक महत्वपूर्ण और विश्वसनीय साझेदार बनाती है।