नई दिल्ली/कुत्राल : अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी के लिए उनके 39वें जन्मदिन पर एक अभूतपूर्व सम्मान सामने आया है। अर्जेंटीना के पैटागोनिया क्षेत्र के छोटे से शहर कुत्राल को में 85 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा का अनावरण किया गया है, जिसे अब तक की सबसे बड़ी मेसी प्रतिमा बताया जा रहा है।
यह प्रतिमा उस समय सामने आई जब मेसी ने ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल कर फीफा विश्व कप में सर्वकालिक सबसे अधिक गोल करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था। इसी ऐतिहासिक उपलब्धि के तुरंत बाद उनके जन्मदिन पर इस विशाल भव्य मूर्ति का अनावरण कर उन्हें विशेष सम्मान दिया गया।
इस प्रतिमा के निर्माण के बाद यह शहर अचानक वैश्विक ध्यान का केंद्र बन गया है। तेल उत्पादन के लिए जाना जाने वाला कुत्राल को अब मेसी के इस विशाल स्मारक के कारण पर्यटकों की नजरों में आ गया है। यह प्रतिमा विश्व कप के दौरान अर्जेंटीना की पहली मैच की तारीख 16 जून को औपचारिक रूप से सामने लाई गई।
इस विशाल संरचना को स्थानीय कलाकार अल्दो बेरोइसा ने तैयार किया है, जिनकी उम्र 61 वर्ष है। इससे पहले वह डायनासोर और अर्जेंटीना के स्वतंत्रता सेनानियों की बड़ी मूर्तियां बना चुके है, लेकिन मेसी की यह कृति उनके करियर की सबसे चर्चित रचना बन गई है।
इस प्रतिमा को तैयार करने में लगभग 18 महीने का समय लगा और इसमें करीब 70 टन इस्पात का उपयोग किया गया है। निर्माण के बाद यह दुनिया की सबसे बड़ी फुटबॉल खिलाड़ी की प्रतिमा मानी जा रही है।
इससे पहले भारत के कोलकाता में भी मेसी की एक विशाल प्रतिमा बनाई गई थी। पिछले वर्ष दिसंबर में मेसी अपने इंटर मियामी क्लब के साथी लुईस सुआरेज और रोड्रिगो डे पॉल के साथ भारत दौरे पर आए थे, जहां 70 फीट ऊंची प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनी थी। इसे मात्र 27 दिनों में तैयार किया गया था और इसे उस समय दुनिया की सबसे बड़ी फुटबॉलर प्रतिमा बताया गया था। हालांकि बाद में सुरक्षा कारणों से इसे हटाने का निर्णय लिया गया, क्योंकि तेज हवाओं में इसके डगमगाने की आशंका जताई गई थी।
अब अर्जेंटीना की यह नई 85 फीट ऊंची प्रतिमा उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ चुकी है। इसे अब तक की सबसे बड़ी मेसी प्रतिमा के रूप में देखा जा रहा है। इस प्रतिमा में मेसी के 2022 विश्व कप फाइनल की ऐतिहासिक भावना को दर्शाया गया है। फाइनल में फ्रांस को पेनल्टी शूटआउट में हराने के बाद लुसैल स्टेडियम में मेसी घुटनों के बल बैठकर भावुक हो गए थे। उसी पल को इस मूर्ति में उकेरा गया है।
प्रतिमा में मेसी को एक हाथ में अर्जेंटीना की जर्सी पकड़े हुए और दूसरे हाथ की उंगली को आसमान की ओर उठाए दिखाया गया है। यह वही प्रतीकात्मक मुद्रा है जिसे मेसी अक्सर गोल करने के बाद अपनी दिवंगत दादी को याद करते हुए अपनाते हैं।