कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए अपनी प्रोत्साहन (इंसेंटिव) नीति में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि सरकार ओडिशा और असम जैसे पड़ोसी राज्यों के समान प्रोत्साहन ढांचा विकसित करने पर काम कर रही है, ताकि निवेश के मामले में पश्चिम बंगाल को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सके।
एसोचैम द्वारा आयोजित ‘ग्रोथ ड्रिवेन फैमिली बिजनेस कॉन्क्लेव’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य की आर्थिक और औद्योगिक सोच में बड़ा बदलाव आ रहा है। उनके अनुसार, पश्चिम बंगाल अब व्यवसायों के प्रति सकारात्मक और निवेश समर्थक माहौल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा समान अवसर वाला वातावरण तैयार करना है, जिसमें असम या ओडिशा को केवल बेहतर प्रोत्साहन नीतियों के कारण अतिरिक्त लाभ न मिले। इसके लिए राज्य अपनी नीतियों और प्रोत्साहन योजनाओं को पड़ोसी राज्यों के अनुरूप बनाने पर विचार कर रहा है।
स्वपन दासगुप्ता ने स्वीकार किया कि पश्चिम बंगाल लंबे समय तक औद्योगिक गिरावट, निवेश के प्रतिकूल माहौल और वित्तीय दबावों से जूझता रहा है। इसके चलते राज्य से पूंजी, प्रतिभा और मानव संसाधन का लगातार पलायन हुआ। उन्होंने कहा कि इस स्थिति ने राज्य की विकास संभावनाओं को प्रभावित किया और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से उसका जुड़ाव भी कमजोर हुआ।
वित्त मंत्री ने याद दिलाया कि राज्य बजट में निवेश प्रोत्साहन ढांचे के लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि उद्योगों के लिए उपलब्ध सुविधाएं और नीतिगत समर्थन अन्य निवेश आकर्षित करने वाले राज्यों के मुकाबले कम न हों।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार उद्योग जगत की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय और संवेदनशील रवैया अपनाएगी। उदाहरण के तौर पर उन्होंने होम्योपैथिक दवा उद्योग का उल्लेख किया, जहां हाल में नियामकीय छूट दिए जाने से हजारों लोगों को रोजगार देने वाले क्षेत्र को राहत मिली है।
परिवार आधारित उद्योगों की भूमिका पर जोर देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार कोलकाता से बाहर भी उद्यमिता को बढ़ावा देना चाहती है। विशेष रूप से उत्तर बंगाल में मौजूद व्यावसायिक संभावनाओं को विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने सिलीगुड़ी, आसनसोल और दुर्गापुर जैसे शहरों को आर्थिक विकास के नए केंद्रों के रूप में विकसित करने की बात कही।
कार्यक्रम में टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग के प्रबंध निदेशक सुदीप्त मुखर्जी ने कहा कि पारिवारिक व्यवसाय आमतौर पर उद्यमिता, पेशेवर प्रबंधन और संस्थागत विकास के चरणों से गुजरते हैं। वहीं पद्मश्री सम्मानित नारायण चक्रवर्ती ने औद्योगिक विकास के लिए विविधीकरण, अनुसंधान और नवाचार को आवश्यक बताते हुए परिवार आधारित उद्योगों से विस्तार और रोजगार सृजन पर जोर दिया।