बंगाल में अंडों से हमले की संस्कृति को बंद करने के खिलाफ अब खुद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने लगाम अपने हाथों में ली है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि तृणमूल नेताओं पर अंडों से हमला न करके उनके हाथों में बजट की प्रति थमा देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री का मानना है कि तृणमूल को जवाब देने के लिए 'डिम्बास्त्र' से अधिक शक्तिशाली बजट में दिए गए प्रस्ताव और वादे हैं।
गौरतलब है कि 4 मई को राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही अपना विरोध जताने के लिए लोग अंडों से हमला करना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर अक्सर किसी न किसी तृणमूल नेता पर किए गए अंडों से हमले की वीडियो वायरल भी होती है।
Read Also | तारातला हादसे के बाद कोलकाता में 31 जुलाई तक सभी वाणिज्यिक निर्माण पर रोक
राज्य की सत्ताधारी पार्टी को अपने गोपनीय सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि इन हमलावरों में कुछ भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल होते हैं। उनको ही रोकने के लिए अब खास पहल की जा रही है।
कुछ दिनों पहले ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने कहा था कि किसी व्यक्ति पर सड़े हुए अंडे से हमला करना किसी पार्टी की संस्कृति नहीं हो सकती है। लेकिन जब ऐसा किया जा रहा है तब इस स्थिति में परिवर्तन करना होगा।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी इस स्थिति में परिवर्तन चाहते हैं। पिछले दिनों पार्टी के विधायकों के प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बजट में महंगाई भत्ता 20 प्रतिशत बढ़ाने के लिए कहा गया है। साल में 1 लाख लोगों को नौकरियां देने के बारे में भी कहा गया है।
आम जनता के हितों में कई वादें किए गए हैं। तृणमूल को इससे अच्छा और क्या जवाब दिया जा सकता है। बेवजह अंडे से क्यों हमला किया जाएगा! आम जनता को यह पसंद नहीं आ रहा है।
Read Also | तमन्ना की मां को न्याय की उम्मीद, मुख्यमंत्री से मुलाकात के कुछ घंटों बाद दो और आरोपी गिरफ्तार
मंत्रिमंडल के एक नेता ने कहा कि अंडा अब विरोध की नई भाषा, ट्रेंड बन गया है। फेसबुक खोलते ही सिर्फ अंडे से हमले का रील नजर आता है। लेकिन इसका इफेक्ट हमारे लिए अच्छा नहीं हो रहा है।
व्यक्तिगत नाराजगी की वजह से अंडों से हमला किया जा रहा है। वरिष्ठ और महिलाओं को भी अंडे का निशाना बनाया जा रहा है। आम जनता इसे अच्छी नजरों से नहीं देख रही है।