वाराणसी : देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत वाराणसी को दिल्ली के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से जोड़ने वाली पहली हब-एंड-स्पोक उड़ान का उद्घाटन किया गया। यह नई व्यवस्था एयर इंडिया की ‘ईज़ी कनेक्ट’ पहल के तहत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य टियर-2 और टियर-3 शहरों को बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ना है।
उद्घाटन समारोह में नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू, एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन वाराणसी उत्तर प्रदेश में किया गया।
इस अवसर पर नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू ने घोषणा की कि केंद्र सरकार अगले छह सप्ताह के भीतर छह शहरों को हब-एंड-स्पोक मॉडल में विकसित करेगी। उन्होंने कहा अगले 6 सप्ताह में हम छह गंतव्यों को हब एक्सपोर्ट मॉडल में बदलेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र का विकास पूरी अर्थव्यवस्था को गति देता है और रोजगार के अवसर पैदा करता है। मैं गृह मंत्री अमित शाह, एयर इंडिया और इंडिगो जैसी एयरलाइंस, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, बीसीएएस, सीआईएसएफ और सभी हितधारकों का धन्यवाद करता हूँ।
उन्होंने आगे कहा कि वाराणसी एयरपोर्ट को दिल्ली जैसे स्तर की सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, जिसमें रनवे विस्तार, नया टर्मिनल और मल्टीलेवल कार पार्किंग शामिल होगी। यह कार्य अगले 13 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस मौके पर वाराणसी में गंगा आरती का भी आयोजन किया गया, जिसने उद्घाटन समारोह को सांस्कृतिक रूप से और भी महत्वपूर्ण बना दिया।
एयर इंडिया के सीईओ और एमडी कैंपबेल विल्सन ने बताया कि यह मॉडल आगे चलकर अमृतसर, वडोदरा, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई और विशाखापत्तनम जैसे शहरों तक भी विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “एयर इंडिया की उड़ान 1111 वाराणसी को लंदन, फ्रैंकफर्ट, सिंगापुर सहित 17 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से सीधे जोड़ती है। आने वाले महीनों में हम भारत के और शहरों को इससे जोड़ेंगे।”
एयर इंडिया के अनुसार ‘ईज़ी कनेक्ट’ पहल के तहत टियर-2 और टियर-3 शहरों से यात्रा करने वाले यात्री अपने घरेलू हवाई अड्डे पर ही चेक-इन कर सकेंगे और बिना दोबारा बैगेज कलेक्ट किए सीधे अपने अंतरराष्ट्रीय गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय इमिग्रेशन प्रक्रिया भी मूल हवाई अड्डे पर ही पूरी की जा सकेगी, जिससे यात्री ‘हब’ एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय यात्री की तरह यात्रा कर सकेंगे।