कोलकाताः पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने और वित्तीय अनियमितताओं को सार्वजनिक करने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है। राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने घोषणा की कि सरकार प्रत्येक विभाग और मंत्रालय पर श्वेत पत्र प्रकाशित करेगी। इसके साथ ही नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की लंबित रिपोर्टों को भी विधानसभा में पेश किया जाएगा ताकि प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
बजट के बाद सरकार ने स्पष्ट की आगे की रणनीति
राज्य बजट पेश होने के बाद वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल विकास योजनाएं लागू करना नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाना भी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं को श्वेत पत्र के माध्यम से सार्वजनिक किया जाएगा।
कानून-व्यवस्था और विकास परियोजनाओं पर भी जोर
वित्त मंत्री ने राज्य में कानून-व्यवस्था और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संदेशखाली में नया महिला थाना स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा हेमताबाद में एक डिग्री कॉलेज तथा कालियागंज में महिला कॉलेज की स्थापना की जाएगी।
आपदा और दुर्घटनाओं से निपटने के लिए बनेगा विशेष बल
सरकार प्राकृतिक आपदाओं और बड़ी दुर्घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए 200 प्रशिक्षित कर्मियों का एक विशेष बल गठित करेगी। इस बल में 50 कर्मी सुंदरबन क्षेत्र, 50 पर्वतीय क्षेत्रों से होंगे, जबकि शेष 100 कर्मियों को राज्य के अन्य हिस्सों में तैनात किया जाएगा।
दुर्गापूजा से पहले आएंगी कई नई नीतियां
वित्त मंत्री ने कहा कि आगामी दुर्गापूजा से पहले राज्य सरकार कई नई नीतियां लागू करने की तैयारी कर रही है। इनमें वैल्यू इंसेंटिव पॉलिसी, स्टार्टअप पॉलिसी, एआई मिशन पॉलिसी तथा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से नई क्लाउड किचन पॉलिसी शामिल हैं।
अल्पसंख्यक मामलों के बजट में कटौती पर दिया स्पष्टीकरण
अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा के लिए बजटीय आवंटन में कमी के सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि धनराशि का आवंटन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए फंड के उपयोग के आधार पर किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट आवंटन प्रदर्शन और उपयोगिता के मानकों को ध्यान में रखकर तय किया गया है।
पहचान की राजनीति छोड़ आर्थिक विकास पर दिया जोर
स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि राज्य को पहचान की राजनीति से आगे बढ़कर आर्थिक विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी सड़क को केवल किसी एक समुदाय के उपयोग की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। हमारी पहचान भारतीय होने की है और सरकार पश्चिम बंगाल को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
2026-27 का पहला बजट पहले ही हो चुका है पेश
उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी सरकार ने इस सप्ताह पश्चिम बंगाल विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए अपना पहला राज्य बजट पेश किया था। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने 4,38,775.29 करोड़ रुपये के शुद्ध बजट परिव्यय वाला बजट प्रस्तुत किया, जिसमें कल्याणकारी योजनाओं, रोजगार सृजन, आधारभूत ढांचे के विस्तार और वित्तीय अनुशासन पर विशेष बल दिया गया।