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ईरान के परमाणु कार्यक्रम की पुष्टि के लिए निरीक्षण जरूरी : आईएईए महानिदेशक

ईरान के परमाणु ठिकानों के निरीक्षण की उम्मीद बरकरार, आईएईए ने कहा- सत्यापन के लिए पहुंच जरूरी।

By रजनीश प्रसाद

Jun 26, 2026 19:20 IST

टोक्यो (जापान) : ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही कूटनीतिक प्रक्रिया के बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने उम्मीद जताई है कि एजेंसी को जल्द ही ईरान के परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करने की अनुमति मिल जाएगी। हालांकि ईरान ने अब तक स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ हुए मौजूदा समझौते में तत्काल निरीक्षण का कोई प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद आईएईए का कहना है कि परमाणु कार्यक्रम की निगरानी और सत्यापन के लिए निरीक्षण अनिवार्य है।

जापान के टोक्यो स्थित जापान नेशनल प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ग्रॉसी ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत परमाणु गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी आईएईए को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के बिना किसी भी परमाणु कार्यक्रम का सत्यापन संभव नहीं है और एजेंसी इस दिशा में तकनीकी तैयारियां शुरू कर चुकी है।

आईएईए प्रमुख ने बताया कि एजेंसी के आकलन के अनुसार ईरान का उच्च स्तर पर संवर्धित यूरेनियम फिलहाल उन्हीं स्थानों पर मौजूद है, जहां जून 2025 में अंतिम बार उसका सत्यापन किया गया था। उनके मुताबिक अधिकांश संवर्धित यूरेनियम फोरदो परमाणु केंद्र में रखा गया है जबकि कुछ मात्रा नतांज परमाणु केंद्र में भी मौजूद है। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि इसकी पुष्टि तभी संभव होगी, जब आईएईए के निरीक्षकों को दोबारा इन स्थलों तक पहुंच मिलेगी।

ग्रॉसी ने याद दिलाया कि जून 2025 में आईएईए के निरीक्षकों ने ईरान के परमाणु स्थलों का दौरा कर संवर्धित यूरेनियम की मात्रा मापी थी, उसका वजन दर्ज किया था और उस पर आधिकारिक सील लगाई थी। उन्होंने कहा कि अब सबसे पहला कदम यह सुनिश्चित करना होगा कि वे सील सुरक्षित हैं और किसी भी परमाणु सामग्री में कोई बदलाव या कमी नहीं आई है।

दूसरी ओर, ईरान ने निरीक्षण को लेकर अलग रुख अपनाया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि स्विट्जरलैंड में तकनीकी वार्ता के दौरान आईएईए प्रमुख से कोई बैठक नहीं हुई और फिलहाल परमाणु स्थलों या परमाणु सामग्री तक निरीक्षकों को पहुंच देने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर विचार केवल अंतिम समझौते के तहत और तब किया जाएगा, जब अमेरिका सभी प्रतिबंध हटाने की दिशा में व्यावहारिक कदम उठाएगा।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी चेतावनी दी है कि यदि ईरान आईएईए को निरीक्षण की अनुमति नहीं देता है, तो अमेरिका तकनीकी वार्ताओं को रद्द करने पर विचार करेगा। ट्रंप का दावा है कि ईरान पहले ही सिद्धांत रूप में निरीक्षण के लिए सहमत हो चुका है जबकि तेहरान इस दावे से लगातार इनकार करता रहा है। ऐसे में परमाणु निरीक्षण का मुद्दा दोनों देशों के बीच अंतिम समझौते की सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभर रहा है।

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