नई दिल्ली : भूकंप से प्रभावित वेनेजुएला की सहायता के लिए भारत ने मानवीय राहत अभियान 'ऑपरेशन अमिस्ताद' शुरू कर दिया है। इस अभियान के तहत भारतीय वायुसेना के दो सी-17 ग्लोबमास्टर विमान राहत सामग्री, चिकित्सा उपकरण और भारतीय सेना की फील्ड अस्पताल इकाई लेकर वेनेजुएला के लिए रवाना हुए हैं। भारत ने इस अभियान के जरिए संकट की घड़ी में वेनेजुएला की सरकार और वहां के लोगों के साथ एकजुटता जताई है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों सी-17 विमान तत्काल राहत सामग्री लेकर रवाना हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत की ओर से भेजी जा रही सहायता में भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट, 35 टन से अधिक मानवीय राहत सामग्री, दवाइयां, चिकित्सा उपकरण और आपदा के समय त्वरित उपचार के लिए विकसित दो 'भीष्म क्यूब' शामिल हैं।
जयशंकर ने कहा कि भारत मानवीय सहायता और आपदा राहत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है तथा इस कठिन समय में वेनेजुएला की सरकार और वहां के नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ा है। उनका कहना था कि भारत हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप पर गहरा दुख व्यक्त किया था। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत इस संकट की घड़ी में वेनेजुएला को हरसंभव सहायता देने के लिए तैयार है।
प्रधानमंत्री के संदेश पर वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने भारत और प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कठिन समय में भारत द्वारा व्यक्त संवेदना और सहायता के प्रस्ताव को दोनों देशों के बीच मित्रता का प्रतीक बताया।
इस बीच, वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 235 हो गई है, जबकि 4,300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। देश के स्वास्थ्य मंत्री कार्लोस अल्वाराडो के अनुसार अधिकांश घायलों को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन कई गंभीर घायलों की सर्जरी करनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि कई लोगों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत घोषित करना पड़ा।
उधर, अमेरिका ने भी राहत कार्यों में सहयोग के लिए अपनी सेना को सक्रिय किया है। अमेरिकी विदेश विभाग के निर्देश पर यूएस सदर्न कमांड ने सी-17 ग्लोबमास्टर और सी-130 हरक्यूलिस परिवहन विमानों को राहत अभियान में लगाया है। 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंपों से देश में व्यापक तबाही, इमारतों के ढहने और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके मद्देनज़र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत अभियान तेज कर दिए गए हैं।