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नीट विवाद पर पवन खेड़ा का धर्मेंद्र प्रधान पर हमला, मृत छात्रों के नाम साझा कर उठाए सवाल

नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा के बीच छात्रों के मुद्दों को लेकर विपक्ष का सरकार पर हमला जारी।

By शिखा सिंह

Jun 26, 2026 13:22 IST

नई दिल्ली : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के जन्मदिन पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नीट परीक्षा विवाद को लेकर सरकार पर निशाना साधा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से धर्मेंद्र प्रधान को दी गई जन्मदिन की शुभकामनाओं के जवाब में पवन खेड़ा ने कई मृत नीट अभ्यर्थियों के नाम साझा करते हुए सवाल उठाए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की दिशा में सराहनीय काम कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य भारत को ज्ञान, शिक्षा और नवाचार का केंद्र बनाना है। प्रधानमंत्री ने उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना भी की।

प्रधानमंत्री के इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए पवन खेड़ा ने लिखा, "प्रिय धर्मेंद्र अंकल, जन्मदिन की शुभकामनाएं। आज आप 57 साल के हो गए हैं। हम आपकी उम्र के आधे तक भी नहीं पहुंच सके।"

इसके बाद पवन खेड़ा ने अपनी पोस्ट में कई नीट अभ्यर्थियों के नाम लिखे, जिनकी मौत हो चुकी है। इनमें दिवंगत ऋतिक मिश्रा, अंशिका पांडे, भाग्यश्री, उमेश माली, रिया कुमारी थापा, अनुकिर्थना, रीमा बेगम, सिद्धार्थ हेगड़े, प्रदीप मेघवाल, शिवानी यादव, रेणु मीणा, आकांक्षा, कहान पटेल और मैथिली सोनवणे के नाम शामिल थे।



कांग्रेस नेता की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है। नीट अभ्यर्थियों की मौत के मामलों को लेकर भी विपक्ष सरकार से जवाब मांगता रहा है।

इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए उनसे युवाओं से माफी मांगने और पद से इस्तीफा देने की मांग की थी। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया था कि सरकार छात्रों की समस्याओं, निष्पक्ष परीक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को उठाने वालों को निशाना बना रही है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की खामियों ने देश के लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा था कि जिन छात्रों को अपने अधिकारों और सुरक्षित भविष्य के लिए आवाज उठानी पड़ रही है, उन्हें गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है।

राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया था कि परीक्षा व्यवस्था की विफलताओं के कारण कई छात्रों को नुकसान उठाना पड़ा और युवाओं के भविष्य पर असर पड़ा है।

नीट-यूजी 2026 की दोबारा आयोजित की गई परीक्षा 21 जून को देशभर और विदेशों के 14 केंद्रों पर पूरी हुई थी। हालांकि यह प्रक्रिया भी पेपर लीक विवाद के साये में रही।

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