लखनउ : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की भदरौली शाखा के एक शाखा प्रबंधक को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बैंक अधिकारी ने सोलर पैनल से जुड़े ऋण आवेदनों की फाइलों को आगे बढ़ाने और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी करने के बदले अवैध धन की मांग की थी। सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपी को शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
जांच एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार आरोपी शाखा प्रबंधक ने प्रत्येक ऋण फाइल के निस्तारण के लिए 7,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। कुल 19 सोलर पैनल ऋण फाइलों के बदले उसने 1.33 लाख रुपये की मांग की थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद रिश्वत की राशि घटाकर 52,000 रुपये तय की गई।
सीबीआई के अनुसार संबंधित 19 ऋण फाइलों को बैंक पहले ही स्वीकृति दे चुका था। इसके बावजूद आरोपी अधिकारी उन्हें आगे की प्रक्रिया में मंजूरी देने के नाम पर शिकायतकर्ता से धन की मांग कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामला दर्ज कर योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान आरोपी को 30,000 रुपये की पहली किस्त लेते समय रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
आरोपी को 25 जून को गिरफ्तार किया गया। उसे 26 जून को गाजियाबाद की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा। मामले की विस्तृत जांच जारी है और सीबीआई यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इस प्रकरण में अन्य लोगों की भी भूमिका रही है।
इसी बीच सीबीआई ने 13 जून को एक अन्य रिश्वतखोरी मामले में असम के सिलचर स्थित पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफ रेलवे) के वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (एसएसई) को भी गिरफ्तार किया था। आरोप है कि अधिकारी ने एक ठेकेदार के लगभग 20 लाख रुपये के लंबित बिल का भुगतान कराने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी, जो कुल बिल राशि का लगभग एक प्रतिशत थी।
सीबीआई ने शिकायत मिलने के बाद तत्काल मामला दर्ज किया और जाल बिछाकर आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को गुवाहाटी की सक्षम अदालत में पेश किया जाना है। वहीं, उसके आवास पर तलाशी अभियान भी चलाया गया। जांच एजेंसी दोनों मामलों में भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।