विधानसभा में सोमवार (29 जून) को विशेष अधिवेशन के दौरान अभिन्न दीवानी कानून यानी यूनिफॉर्म सीविल कोड (UCC) से संबंधित बिल पेश किया जा सकता है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चाएं भी शुरू हो चुकी हैं।
इस बारे में शुक्रवार (26 जून) को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि गुजरात, असम, गोवा में जिस प्रकार यह कानून लागू हो चुका है, उसी प्रकार से इसे पश्चिम बंगाल में भी लागू किया जाएगा।
बता दें, विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा द्वारा जारी घोषणा पत्र में भी पश्चिम बंगाल में UCC को लागू करने के संबंध में कहा गया था। ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के 189वीं जयंती के मौके पर कॉलेज स्ट्रीट में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पहुंचे थे।
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इस दौरान मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में भी UCC लागू होगी। इसकी एक प्रक्रिया है। विधानसभा में हम सब कुछ बताएंगे। इसे लागू करने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। इस कमेटी को कार्यरत न्यायाधीश के नेतृत्व में गठित किया जाएगा।
VIDEO | Kolkata: West Bengal CM Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) says, The Uniform Civil Code will be implemented in West Bengal. There is a prescribed procedure for it, and I will explain it in the Assembly. A committee will be constituted under the leadership of a retired judge. pic.twitter.com/onIOp3KXKf
” Press Trust of India (@PTI_News) June 26, 2026
विधानसभा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार (29 जून) को विधानसभा में कुल 5 बिल पेश हो सकते हैं। इनमें से प्रमुख बिल 'UCC' का होगा। बताया जाता है कि गुरुवार (25 जून) की शाम को करीब 7 बजे विधानसभा स्पीकर रथींद्र बसु द्वारा बुलायी गयी कार्यकारिणी की बैठक में इस बिल को पेश करने के संबंध में बात की गयी।
बता दें, वर्तमान में देशभर में असम, उत्तराखंड, गोवा यह बिल पास हो चुका है। अगर बहुसंख्यक होने की वजह से पश्चिम बंगाल विधानसभा में यह बिल पास हो जाता है तो यह चौथा राज्य होगा जहां UCC कानून को लागू किया जाएगा।
विधानसभा में बिल को पेश करने के बाद विचार-विमर्श का समय दिया जाएगा। संभावना जतायी जा रही है कि आपसी बातचीत में मुख्यमंत्री व अन्य भाजपा विधायकों के साथ विरोधी पार्टी के विधायक भी इसमें हिस्सा ले सकते हैं। बताया जाता है कि व्यक्तिगत कानून, विवाह, डायवोर्स, उत्तराधिकार और गोद लेने संबंधित मामलों में कानून बनाने के लिए ही UCC को लागू करने का प्रस्ताव भाजपा ने दिया है।