नयी दिल्लीः देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने आने वाले समय में रिटेल, कृषि और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में ऋण वितरण बढ़ाने के साथ-साथ कम लागत वाले जमा (CASA) आधार को मजबूत करने की रणनीति बनाई है। बैंक का मानना है कि इससे कारोबार का विस्तार होने के साथ लाभप्रदता में भी सुधार होगा।
पीएनबी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी अशोक चंद्र ने हाल ही में जारी बैंक की वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि बैंक भविष्य में रिटेल, एग्रीकल्चर और एमएसएमई (RAM) एडवांस, CASA जमा, डिजिटलीकरण, ग्राहक सेवा और मानव संसाधन विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर लगातार ध्यान केंद्रित करेगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय बैंकिंग क्षेत्र मजबूत बैलेंस शीट और पर्याप्त पूंजी आधार के कारण ऋण मांग को पूरा करने की बेहतर स्थिति में है। ऐसे में बैंक भी बदलती वित्तीय जरूरतों के अनुरूप अपनी सेवाओं और ऋण विस्तार को आगे बढ़ाएगा।
31 मार्च 2026 तक बैंक का रिटेल, कृषि और एमएसएमई (RAM) ऋण पोर्टफोलियो बढ़कर 6.76 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष के अंत में यह 6.03 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह इस खंड में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। घरेलू ऋण वितरण में RAM सेगमेंट की हिस्सेदारी बढ़कर 56.6 प्रतिशत हो गई।
कम लागत वाले जमा को लेकर भी बैंक की स्थिति मजबूत रही। 31 मार्च 2026 तक पीएनबी का घरेलू CASA अनुपात 37 प्रतिशत दर्ज किया गया। इस दौरान चालू खाते (करंट अकाउंट) में जमा राशि 79,294 करोड़ रुपये और बचत खातों (सेविंग्स अकाउंट) में जमा 5.30 लाख करोड़ रुपये रही।
अशोक चंद्र ने कहा कि बैंक अपनी शाखाओं के नेटवर्क का लगातार विस्तार करेगा ताकि ग्राहकों को अधिक सुविधा मिल सके। उन्होंने भरोसा जताया कि देश के अग्रणी बैंकिंग संस्थानों में शामिल पीएनबी 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
वर्तमान में पीएनबी का देशभर में 10,324 शाखाओं का व्यापक नेटवर्क है।
उन्होंने यह भी कहा कि बैंक अपने सभी कार्यों में नैतिकता और पारदर्शिता के उच्चतम मानकों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही पर्यावरण, सामाजिक उत्तरदायित्व और सुशासन (ESG) से जुड़े सिद्धांतों को बैंक की कारोबारी रणनीति का अभिन्न हिस्सा बनाया जाएगा, ताकि जिम्मेदार विकास के साथ सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित किया जा सके।