कोलकाता मेट्रो की नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर (ब्लू लाइन) पर एक दिन दो बार आत्महत्याओं की कोशिशें की गयी। शनिवार (27 जून) की सुबह पहले कालीघाट मेट्रो स्टेशन पर एक यात्री ने ट्रैक पर कूदकर आत्महत्या की कोशिश की। उसके बाद शनिवार की दोपहर के बाद एक बार फिर से बेलगछिया स्टेशन पर आत्महत्या की कोशिश की गयी।
दोनों बार ही यात्री को बचाने के लिए कम से कम आधे घंटे तक मेट्रो सेवा को रोकना अथवा सीमित करना पड़ा, जिस वजह से यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
कोलकाता मेट्रो की सबसे महत्वपूर्ण लाइनों में ब्लू लाइन है। उत्तर में दक्षिणेश्वर से लेकर दक्षिण में शहीद खुदीराम स्टेशन के बीच मेट्रो से यात्रियों को आवाजाही करने में काफी सुविधाएं होती है।
खासतौर पर भीषण गर्मी, लू अथवा तेज बारिश के समय में यात्री यातायात के साधन के तौर पर मेट्रो को ही पसंद करते हैं। सिर्फ ऑफिस के समय में ही नहीं बल्कि दिन के किसी भी समय में मेट्रो में लगातार भीड़ बनी रहती है।
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ऐसे में आत्महत्या की कोशिशों की वजह से रोजमर्रा के यात्रियों को सबसे अधिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार शनिवार (27 जून) की सुबह कालीघाट स्टेशन के मेट्रो ट्रैक पर एक यात्री ने कूदकर आत्महत्या की कोशिश की। उसे बचाने के लिए थर्ड लाइन की बिजली काट देनी पड़ी।
सुबह के समय में ही यह घटना घटने की वजह से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान मैदान से दक्षिणेश्वर तक और टालीगंज से शहीद खुदीराम स्टेशन के बीच यात्री सेवाओं को बहाल रखा गया।
रवींद्र सदन से रवींद्र सरोवर के बीच मेट्रो सेवाओं को बंद रखा गया था। बताया जाता है कि सुबह 7.50 बजे के बाद मेट्रो सेवाएं फिर से सामान्य हुई। दूसरी घटना शनिवार की दोपहर 3.09 बजे की बतायी जाती है।
बेलगछिया मेट्रो स्टेशन के डाउन लाइन पर आत्महत्या की कोशिश की वजह से भी करीब 30 मिनट तक मेट्रो सेवाएं प्रभावित हुई। इस दौरान गिरीश पार्क से शहीद खुदीराम के बीच मेट्रो सेवाएं जारी थी। बाद में करीब 3.56 बजे के बाद मेट्रो सेवाएं फिर से सामान्य हो सकी।
कुल मिलाकर एक ही दिन में दो बार आत्महत्या की कोशिशों की वजह से दो बार मेट्रो सेवाएं प्रभावित हुई, जिसकी वजह से रोजमर्रा के यात्रियों को सबसे अधिक समस्या का सामना करना पड़ा।