विक्टोरिया : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय राजकीय यात्रा को लेकर सेशेल्स में उत्साह है। सेशेल्स के विदेश मंत्री बैरी फॉरे ने कहा है कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ समुद्री सुरक्षा, अंतरिक्ष सहयोग, साइबर सुरक्षा और आपसी कानूनी सहायता जैसे क्षेत्रों में संबंध और मजबूत होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 जून से 29 जून तक सेशेल्स की यात्रा पर हैं। वह सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हरमिनी के निमंत्रण पर देश के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से पहले सेशेल्स के विदेश मंत्री बैरी फॉरे ने कहा कि दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि ये समझौते केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि अंतरिक्ष सहयोग, साइबर सुरक्षा और आपसी कानूनी सहायता जैसे नए क्षेत्रों में भी साझेदारी को आगे बढ़ाएंगे।
बैरी फॉरे ने कहा कि भारत और सेशेल्स के बीच व्यापार और पर्यटन के क्षेत्र में विस्तार की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सेशेल्स के पास प्राकृतिक संसाधन और निर्यात क्षमता है, जबकि भारत एक बड़ा पर्यटन और उपभोक्ता बाजार उपलब्ध कराता है।
उन्होंने पर्यटन को सेशेल्स की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि यह देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 30 प्रतिशत योगदान देता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा से सेशेल्स की वैश्विक पहचान और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
सेशेल्स के विदेश मंत्री ने कहा कि वर्तमान में भारतीय विमानन कंपनी इंडिगो मुंबई और सेशेल्स के बीच सप्ताह में चार उड़ानों का संचालन कर रही है। हालांकि दोनों देश दिल्ली समेत भारत के अन्य शहरों से भी हवाई संपर्क बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक लोकप्रियता और प्रभाव को देखते हुए उनकी यात्रा से सेशेल्स में पर्यटन प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है।
बैरी फॉरे ने यह भी बताया कि दोनों देशों के बीच सीधी समुद्री संपर्क व्यवस्था स्थापित करने को लेकर बातचीत शुरू हो चुकी है। यह पहल सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हरमिनी की फरवरी में भारत यात्रा के दौरान शुरू हुई थी।
हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक चुनौतियों पर चर्चा करते हुए सेशेल्स के विदेश मंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र अब व्यापारिक प्रतिस्पर्धा का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है और यहां सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां भी बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि अतीत में क्षेत्र को समुद्री डकैती जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य, ओमान की खाड़ी और अरब सागर में होने वाली घटनाओं का सीधा प्रभाव सेशेल्स पर भी पड़ता है।
बैरी फॉरे ने कहा कि भारत और सेशेल्स के बीच सहयोग केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देश उभरते क्षेत्रों में भी साझेदारी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।