इस्लामाबाद : पाकिस्तान में शनिवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिसके बाद कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.4 मापी गई। भूकंप का केंद्र पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित बलूचिस्तान प्रांत बताया गया है। झटके महसूस होते ही कई जगहों पर लोग डर के कारण अपने घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। हालांकि इस भूकंप का असर भारत में महसूस नहीं किया गया।
यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंपीय केंद्र (ईएमएससी) की शुरुआती जानकारी के अनुसार भूकंप की गहराई करीब 35 किलोमीटर थी। इसके झटके आसपास के कई इलाकों में महसूस किए गए। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक अभी तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है।
भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन ने संभावित आफ्टरशॉक को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। प्रशासनिक अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। हालांकि अभी तक किसी बड़े आपातकाल की घोषणा नहीं की गई है।
बलूचिस्तान क्षेत्र भौगोलिक रूप से बेहद सक्रिय इलाका माना जाता है। भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों के बीच लगातार होने वाली हलचल के कारण इस क्षेत्र में समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं। इतिहास में भी बलूचिस्तान कई बड़े भूकंपों का सामना कर चुका है। वर्ष 1935 में आया क्वेटा भूकंप और 1945 का बलूचिस्तान भूकंप इस क्षेत्र की सबसे विनाशकारी घटनाओं में शामिल रहे हैं।
भूकंप के बाद लोगों से अपील की गई है कि वे बिना वजह घबराएं नहीं और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। विशेषज्ञों ने आफ्टरशॉक की संभावना से इनकार नहीं किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
इस बीच गुरुवार को वेनेजुएला में आए दोहरे भूकंप और उसके बाद आए झटकों से भारी तबाही मची है। भूकंप के कारण वहां विनाश के दृश्य सामने आए हैं और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।
वेनेजुएला में शुक्रवार रात तक भूकंप के कारण मृतकों की संख्या बढ़कर 930 पहुंच गई थी, जबकि करीब 3,300 लोग घायल बताए गए हैं। मलबे को हटाकर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों को आशंका है कि अब भी कई लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं और मृतकों की संख्या आगे और बढ़ सकती है।