मुंबई : महाराष्ट्र के पुणे में केतन अग्रवाल की हत्या के मामले की जांच में पुलिस ने अब उस लाल रंग की इलेक्ट्रिक कार को जांच के दायरे में ले लिया है, जिसका उपयोग घटना के दिन लोणावाला/लोहारगढ़ किले की यात्रा के दौरान किया गया था। पुलिस इस वाहन की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि मामले की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
यह मामला 18 जून का बताया जा रहा है, जब केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ लोणावाला/लोहारगढ़ किले की यात्रा पर उसी इलेक्ट्रिक कार से गए थे। इसी कार में दोनों की यात्रा से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था, जिसमें वे सनरूफ खुली कार में सफर करते दिख रहे थे। यह वीडियो स्वयं केतन अग्रवाल ने नई कार खरीदने के बाद लंबी ड्राइव के दौरान रिकॉर्ड किया था।
जांच में सामने आया है कि केतन अग्रवाल की हत्या के मामले को पुलिस एक सुनियोजित अपराध के रूप में देख रही है। इस केस में उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके मित्र चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया गया है और वे पुलिस हिरासत में हैं। मामले की जांच फिलहाल जारी है।
इस हत्याकांड के बाद महाराष्ट्र सरकार ने तेज कार्रवाई करते हुए विशेष फास्ट ट्रैक अदालत के गठन को मंजूरी दी है। साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम को इस मामले में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है।
यह निर्णय तब लिया गया जब पीड़ित के पिता विशाल अग्रवाल ने पुणे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर मामले में शीघ्र न्याय की मांग की। मुख्यमंत्री ने परिवार को आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और केस को फास्ट-ट्रैक किया जाएगा।
पीड़ित के पिता विशाल अग्रवाल ने आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग करते हुए कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि इस मामले में पहले ही विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जा चुका है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि किन परिस्थितियों में उनके बेटे को निशाना बनाया गया और व्यक्तिगत कारणों को लेकर उठे विवाद का जिक्र किया।
विशाल अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने स्पष्ट किया था कि केतन अपने सिर पर विग का एक छोटा हिस्सा इस्तेमाल करता था, और यह किसी की हत्या का कारण नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी दावा किया कि सिया गोयल यात्रा पर जाना चाहती थी, जिससे मामले से जुड़े कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम ने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का फोन आया था, जिसमें उन्हें इस मामले में नियुक्ति की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने परिवार की मांग और मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे महाराष्ट्र के लिए एक चुनौतीपूर्ण केस बताया।
उज्ज्वल निकम ने कहा कि उन्होंने यह जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने उनसे इस मामले को गंभीरता से लेने और न्याय प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है।