लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर में दो दिवसीय ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के वैचारिक और संगठनात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम को कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण बताया और इसे राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक व्यापक प्रयास बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि यह प्रशिक्षण शिविर पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर आधारित एक बड़ा वैचारिक अभियान है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय राजनीति में ‘अंत्योदय’ की अवधारणा को स्थापित किया, जिसका उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का उत्थान है और यही शासन व आर्थिक नीति की आधारशिला होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का यह प्रशिक्षण अभियान पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि संघ के विचारों से प्रेरित होकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश में हुए व्यापक परिवर्तन का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने जनकल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति की है।
उन्होंने कहा कि पहले यह कल्पना भी कठिन थी कि देश में 12 करोड़ गरीब परिवारों के घर शौचालय बनाए जाएंगे, 4 करोड़ गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान मिलेंगे और करोड़ों लोगों को घरों में नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 50 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिला है, जबकि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं ने देश में बड़े पैमाने पर गरीबी उन्मूलन में मदद की है और लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठकर मध्यम वर्ग में शामिल हुए हैं।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि यह परिवर्तनकारी मॉडल देश के विकास में सभी नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है और भारत को एक साझा विचारधारा के तहत आगे बढ़ा रहा है, जो उसकी संस्कृति, परंपरा और मूल्यों से जुड़ा हुआ है।
इसी दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में आम लोगों की समस्याएं भी सुनीं। इसके बाद उन्होंने गौशाला में गायों को चारा भी खिलाया।