कोलकाताः पश्चिम बंगाल में विरोध प्रदर्शन के प्रतीक के रूप में टीएमसी नेताओं पर अंडे फेंकने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। हालांकि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य पहले ही इस तरह के विरोध को अनुचित बता चुके हैं, लेकिन उनकी अपील का जमीनी स्तर पर कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा है। गुरुवार और शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में ऐसी घटनाएं फिर सामने आईं।
कुछ दिन पहले न्यू टाउन में भाजपा विधायकों के प्रशिक्षण शिविर के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अंडे फेंकने की संस्कृति की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार द्वारा महंगाई भत्ते (डीए) में 20 प्रतिशत वृद्धि और हर साल एक लाख नौकरियां देने का वादा ही टीएमसी को जवाब देने के लिए पर्याप्त है। उनका कहना था कि बिना वजह किसी पर अंडे फेंकने जैसी घटनाओं को आम लोग भी पसंद नहीं कर रहे हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने भी सार्वजनिक रूप से कहा था कि किसी भी राजनीतिक दल के लिए अंडे फेंकना स्वस्थ लोकतांत्रिक विरोध का तरीका नहीं हो सकता और ऐसी घटनाओं पर जल्द रोक लगनी चाहिए।
इसके बावजूद शुक्रवार को पूर्व बर्दवान के आउसग्राम में गिरफ्तार पूर्व टीएमसी ब्लॉक अध्यक्ष शेख अब्दुल लालन और उनके पुत्र, युवा नेता अफजल रहमान को थाना से अदालत ले जाते समय लोगों ने अंडे फेंके और 'चोर-चोर' के नारे लगाए। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने दोनों के सिर पर हेलमेट पहनाए और ढाल की सुरक्षा में उन्हें वाहन तक पहुंचाया।
इससे एक दिन पहले बारासात नगर पालिका क्षेत्र में पूर्व उपाध्यक्ष तापस दासगुप्ता सहित तीन टीएमसी नेताओं के घरों पर भी अंडे फेंके गए थे।
शुक्रवार को कूचबिहार के तुफानगंज में भी इसी तरह का विरोध देखने को मिला। वार्ड-3 के मदन मोहनपाड़ा इलाके में पूर्व टीएमसी वार्ड अध्यक्ष सुब्रत दास उर्फ लिटन को लोगों ने घेर लिया और उनके सिर पर लगातार अंडे फोड़े। कटमनी और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे नेता ने लोगों से छोड़ देने की गुहार लगाई। स्थानीय भाजपा नेताओं का आरोप है कि सत्ता में रहते हुए उन्होंने अवैध जमीन कारोबार, वसूली और लोगों के घरों को नुकसान पहुंचाने जैसे काम किए थे, जिसके खिलाफ जनता का गुस्सा सामने आया।
अलीपुरद्वार में भी युवा टीएमसी नेता रॉनी मल्लिक को अदालत में पेशी के दौरान अंडे फेंककर विरोध जताया गया। भाजपा नेता को जान से मारने की धमकी देने के मामले में गिरफ्तार रॉनी मल्लिक का दावा है कि हमले के डर से वह पुलिस चौकी पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने वहीं उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
उधर, धूपगुड़ी के सांकोयाझोड़ा-2 ग्राम पंचायत के देवमाली गांव में आवास योजना में कथित कटमनी लेने के आरोप में टीएमसी सदस्य मंजिला खातून के घर का ग्रामीणों ने अंडों के साथ घेराव किया। विरोध की आशंका के चलते वह पहले ही घर छोड़कर चली गई थीं। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और खाली घर पर ताला लगा दिया।
राज्य के अलग-अलग जिलों में लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद पुलिस भी सक्रिय हो गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने पर भी विचार किया जा रहा है।