ज्योतिष और रत्नशास्त्र में जीवन की विभिन्न समस्याओं से लेकर रोगों से छुटकारा तक के लिए कई तरह के रत्नों को धारण करने की सलाह दी जाती है। आर्थिक संकट को दूर करने के लिए पाइराइट (Pyrite) का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। यह आजकल काफी लोकप्रिय भी है।
ज्योतिष से जुड़े विभिन्न ऐप और वेबसाइट पर पाइराइट से बने ब्रेसलेट, पेंडेंट, टंबल, अंगूठी के साथ-साथ एंक्लेट (Anklet) आदि भी बेची जाती है। सफलता, सौभाग्य और आत्मविश्वास के प्रतीक के तौर पर अगर आप भी पाइराइट को अपने पैरों में एंक्लेट की तरह धारण करती हैं या करने के बारे में सोच रही हैं तो जान लें, ज्योतिषशास्त्र में हर तरह के रत्न को हर किसी के न तो शुभ माना गया है और न ही उन्हें पैरों में धारण करने के बारे में बताया गया है।
सूर्य और मंगल का प्रतिनिधि है पाइराइट
पाइराइट का रंग धूसर होता है लेकिन यह सोने की तरह चमकदार होता है। इस वजह से इसे 'फुल्स गोल्ड' (Fool's Gold) भी कहा जाता है। मान्यताओं के मुताबिक पाइराइट सूर्य और मंगल का प्रतिनिधित्व करता है।
इसलिए इसे धारण करने से पहले अपनी कुंडली में इन दोनों ग्रहों की दशा के बारे में जरूर पता लगा लें। सीधे शब्दों में कहे तो विशेषज्ञों और ज्योतिषाचार्यों की सलाह के बिना पाइराइट को किसी भी प्रकार से धारण नहीं करना चाहिए।
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कौन सी राशि के लिए माना जाता है शुभ?
ज्योतिषियों का मानना है कि पाइराइट मेष, सिंह और वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सबसे अधिक शुभ होता है। मान्यताओं के अनुसार पाइराइट धारण करने से आत्मविश्वास बढ़ने के साथ ही नौकरी व व्यवसाय में उन्नति, आर्थिक समृद्धि की संभावना पैदा होती है।
किसे नहीं धारण करना चाहिए पाइराइट?
वृष, कर्कट और मकर राशि के जातकों को पाइराइट धारण नहीं करना चाहिए। इसके अलावा जिनकी कुंडली में सूर्य और मंगल शक्तिशाली स्थान पर है उन्हें भी इसे धारण नहीं करना चाहिए।
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क्या एंक्लेट की तरह धारण किया जा सकता है पाइराइट?
ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक किसी भी रत्न को पैरों में धारण करना अनुचित माना गया है। पैरों को शरीर का सबसे नीचला अंग माना जाता है। इसलिए वहां किसी भी शुभ वस्तु को धारण करना जहां शुभ शक्तियों का अपमान माना जाता है।
मान्यताओं के अनुसार पैरों में एंक्लेट या पायल की तरह पाइराइट को धारण करने से वित्तीय हानि, मानसिक तनाव, आर्थिक अस्थिरता, बुरे ख्यालों का बार-बार आना और तनाव बढ़ने की संभावना पैदा होती है।
इसलिए पाइराइट को अंगुठी, ब्रेसलेट या फिर पेंडेंट के तौर पर ही धारण करने की सलाह दी जाती है।