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विंबलडन 2026 से पहले विजय अमृतराज का बड़ा बयान, बोले- भारत को सिंगल्स खिलाड़ियों की भी जरूरत

'डबल्स ड्रॉ हमेशा खुला रहता है', विंबलडन से पहले विजय अमृतराज ने जताई भारतीय खिलाड़ियों से उम्मीद।

By रजनीश प्रसाद

Jun 27, 2026 15:49 IST

लंदन : भारतीय टेनिस के दिग्गज विजय अमृतराज ने विंबलडन 2026 से पहले भारतीय खिलाड़ियों की संभावनाओं पर भरोसा जताते हुए कहा है कि पुरुष युगल वर्ग का मुकाबला हमेशा खुला रहता है और भारतीय खिलाड़ी किसी भी बड़े टूर्नामेंट में उलटफेर करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रोहन बोपन्ना के बाद अब नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के सामने अपनी पहचान बनाने का बेहतरीन अवसर है।

29 जून से 12 जुलाई तक आयोजित होने वाले विंबलडन 2026 से पहले जियोस्टार मीडिया डे के दौरान बातचीत में विजय अमृतराज ने कहा कि डबल्स प्रतियोगिता में वरीयता प्राप्त जोड़ों पर अधिक दबाव रहता है जबकि गैर वरीय खिलाड़ी अपेक्षाकृत बिना दबाव के खेलते हैं। ऐसे में ड्रॉ में कई बार अप्रत्याशित नतीजे देखने को मिलते हैं और भारतीय खिलाड़ियों के पास आगे बढ़ने का अच्छा अवसर होता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी लंबे समय से डबल्स में अच्छा प्रदर्शन करते आए हैं। शुरुआती दौर और निर्णायक क्षणों में यदि वे संयम बनाए रखें तो ग्रैंड स्लैम जीतने की क्षमता रखते हैं। अमृतराज के अनुसार, डबल्स में कोई भी टीम दूसरे को आसानी से मात नहीं दे सकती और यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।

हालांकि उन्होंने भारतीय टेनिस की एक बड़ी चुनौती की ओर भी ध्यान दिलाया। उनका कहना था कि पिछले एक दशक में भारत का ध्यान अधिकतर डबल्स पर केंद्रित रहा है, जबकि टेनिस की असली परीक्षा सिंगल्स में होती है। उन्होंने कहा कि डेविस कप जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में सफलता के लिए चार मजबूत सिंगल्स खिलाड़ियों की आवश्यकता होती है और भारतीय टेनिस को इसी दिशा में अधिक काम करने की जरूरत है।

विजय अमृतराज ने विश्वास जताया कि भारतीय खिलाड़ी भविष्य में ग्रैंड स्लैम डबल्स खिताब जीत सकते हैं और यदि कोई खिलाड़ी रोहन बोपन्ना की उपलब्धियों को आगे बढ़ाता है तो यह भारतीय टेनिस के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।

भारतीय टेनिस को वैश्विक पहचान दिलाने वाले विजय अमृतराज का करियर बेहद शानदार रहा है। वर्ष 1980 में वह विश्व एकल रैंकिंग में 16वें स्थान तक पहुंचे थे। उन्होंने 1970 से 1993 के बीच पेशेवर टेनिस खेलते हुए 16 एटीपी एकल और 13 से अधिक युगल खिताब अपने नाम किए। लगातार 14 वर्षों तक एशिया के नंबर एक खिलाड़ी रहे अमृतराज को 2024 में इंटरनेशनल टेनिस हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। उन्हें 1983 में पद्मश्री और 2026 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है।

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