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इसरो के एलपीएससी की कमान अब एन. जयन के हाथों में

स्वदेशी सीई-20 क्रायोजेनिक इंजन के विकास में निभाई अहम भूमिका

By डॉ. अभिज्ञात

Jun 27, 2026 18:31 IST

तिरुवनंतपुरम: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने प्रमुख केंद्रों में से एक लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर (एलपीएससी) का नया निदेशक वरिष्ठ एयरोस्पेस इंजीनियर एन. जयन को नियुक्त किया है। अंतरिक्ष प्रणोदन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन विकास में अहम योगदान

एन. जयन को विशेष रूप से सीई-20 क्रायोजेनिक इंजन के स्वदेशी विकास का नेतृत्व करने के लिए जाना जाता है। यही इंजन जीएसएलवी एमके-3 (एलवीएम-3) प्रक्षेपण यान को शक्ति प्रदान करता है। इस इंजन के सफल विकास ने भारत को स्वदेशी तकनीक के बल पर जटिल अंतरिक्ष अभियानों को पूरा करने की क्षमता प्रदान की और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कराई।

इसरो में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं

एलपीएससी का निदेशक बनने से पहले एन. जयन केंद्र में एसोसिएट निदेशक के रूप में कार्यरत थे। इसके अलावा उन्होंने विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) में क्रायोजेनिक स्टेज परियोजना के परियोजना निदेशक और नेक्स्ट जेनरेशन लॉन्च व्हीकल (एनजीएलवी) परियोजना के परियोजना निदेशक जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी संभालीं।

शिक्षा और उपलब्धियां

एन. जयन ने तिरुवनंतपुरम के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक. की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलुरु से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में एम.ई. किया और स्वर्ण पदक प्राप्त किया।

कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित

अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी में योगदान के लिए एन. जयन को एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया स्पेस गोल्ड मेडल, इसरो टीम अवॉर्ड (तीन बार) सहित कई सम्मान मिल चुके हैं। वर्ष 2025 में उन्हें अंतरिक्ष अनुसंधान में उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत के राष्ट्रपति द्वारा देश के सर्वोच्च विज्ञान सम्मान राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

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