पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के संसोधन (SIR) को लेकर विवाद खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। वहीं देश के 4 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां की जा रही है। इस बीच चुनाव आयोग ने एक बड़ा फैसला लिया है। चुनाव आयोग ने विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया है कि एग्जिट पोल (Exit Poll) जारी नहीं की जा सकेगी।
इस विज्ञप्ति में कहा गया है कि चुनाव के निर्धारित समय से पहले किसी भी परिस्थिति में एग्जिट पोल का प्रसारण नहीं किया जा सकेगा। अगर इस आदेश का उल्लंघन होता है तो कड़ी सजा का भी प्रावधान रखा गया है।
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कब से कब तक पाबंदी लागू?
चुनाव आयोग की विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार 9 अप्रैल की सुबह 7 बजे से 29 अप्रैल शाम 6.30 बजे तक एग्जिट पोल पर पूरी तरह से पाबंदी लगी रहेगी। 9 अप्रैल को केरल, असम और पुडुचेरी में चुनाव होंगे। 23 अप्रैल को तमिलनाडु में चुनाव होगा। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को चुनाव होगा। इसका मतलब है कि 4 राज्यों व 1 केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया के दौरान यह पाबंदी लागू रहेगी।
आयोग का कहना है कि इस समय के दौरान अगर किसी ने एग्जिट पोल का प्रसारण किया तो वर्ष 1951 के जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 126A का सीधे तौर उल्लंघन माना जाएगा। अगर आदेश का उल्लंघन किया जाता है तो 2 सालों तक कैद या फिर जुर्माना अथवा दोनों होने की संभावना है।
चुनाव आयोग के नियमानुसार मतदान से 48 घंटे पर चुनाव प्रचार थम जाता है। इस समय को 'साइलेंस पीरियड' कहा जाता है। मंगलवार की शाम को 6 बजे से केरल और पुडुचेरी और असम में शाम 5 बजे से इसकी शुरुआत हो रही है।