नयी दिल्ली/गुवाहाटीः असम में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पासपोर्ट विवाद ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज एफआईआर के बाद असम पुलिस ने दिल्ली में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के आवास पर तलाशी ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर आरोप है कि उन्होंने असम के मुख्यमंत्री की पत्नी के खिलाफ तीन पासपोर्ट और विदेशों में संपत्ति से जुड़े कथित झूठे और भ्रामक आरोप लगाए और उन्होंने फर्जी दस्तावेजों व एआई सामग्री के जरिए छवि खराब करने की कोशिश की।
CM सरमा का आरोप-खेड़ा दिल्ली से हैदराबाद चले गए
तलाशी की कार्रवाई के बीच मुख्यमंत्री सरमा ने आरोप लगाया कि पवन खेड़ा दिल्ली से हैदराबाद चले गए हैं। उन्होंने कहा कि यह जानकारी उन्हें मीडिया के जरिए मिली है और कानून अपना काम करेगा। सरमा ने पहले ही खेड़ा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
कांग्रेस के आरोप और सरकार का पलटवार
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं और विदेशों में संपत्ति भी है। इसके जवाब में सरमा ने इन दावों को फर्जी और राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि दुबई की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से उठाए गए और असली मालिक कोई और हैं। सरमा ने इसे फेक एआई अभियान बताते हुए कांग्रेस पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया और कानूनी कार्रवाई की बात कही।
रिनिकी भुइयां सरमा का तीखा जवाब और कानूनी कदम
रिनिकी भुइयां सरमा ने आरोपों को गंभीर बताते हुए कहा कि इन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस पर फोटोशॉप और एआई के जरिए बदनाम करने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी हताशा में ऐसा कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न उनके पास कोई विदेशी संपत्ति है और न ही परिवार का विदेश में कोई व्यवसाय। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस नेता अपने आरोपों का ठोस सबूत क्यों नहीं देते।
गौरव गोगोई और विदेशी कनेक्शन पर आरोप-प्रत्यारोप
मुख्यमंत्री सरमा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई और पवन खेड़ा पर विदेशी कनेक्शन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आरोपों के पीछे पाकिस्तानी सोशल मीडिया समूहों की भूमिका क्यों दिख रही है। वहीं, गोगोई ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री से सवाल किए-क्या परिवार के पास दुबई का गोल्डन वीजा है, क्या विदेश में संपत्ति या व्यवसाय है और क्या यह सब चुनावी हलफनामे में घोषित किया गया है।
चुनाव से पहले सियासी घमासान चरम पर
इस पूरे विवाद के बीच सरमा ने दावा किया कि राज्य में कांग्रेस कमजोर हो चुकी है और एनडीए को चुनाव में बढ़त मिलेगी। उन्होंने यहां तक कहा कि उनकी पार्टी 100 सीटों का आंकड़ा पार कर सकती है। असम में 9 अप्रैल को मतदान होना है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। ऐसे में पासपोर्ट विवाद और आरोप-प्रत्यारोप ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है।