कोलकाताः कोलकाता और दक्षिण बंगाल में सोमवार रात मौसम ने अचानक उग्र रूप ले लिया। 6 अप्रैल की रात शुक्रवार को करीब 8:30 बजे से तेज हवाओं की शुरुआत हुई, जिसने देखते ही देखते मूसलाधार बारिश का रूप ले लिया। गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने घने बादलों के कारण पूरा इलाका कुछ ही समय में तेज आंधी और बारिश की चपेट में आ गया।
शुरुआत हल्की बारिश से हुई, लेकिन जल्द ही इसकी तीव्रता कई गुना बढ़ गई। 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने शहर की रफ्तार धीमी कर दी। इसका सीधा असर खेल गतिविधियों पर भी पड़ा-ईडन गार्डन्स में खेले जा रहे आईपीएल मुकाबले (कोलकाता नाइट राइडर्स बनाम पंजाब किंग्स) को बीच में ही रोकना पड़ा और अंततः मैच रद्द घोषित कर दिया गया, जिससे दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला।
कई जिलों में बिगड़े हालात
तेज हवाओं और बारिश के संयुक्त प्रभाव से कोलकाता, उत्तर व दक्षिण 24 परगना और हावड़ा समेत कई इलाकों में हालात चुनौतीपूर्ण हो गए। कई जगह जलभराव की स्थिति बनी और दृश्यता कम होने से यातायात प्रभावित हुआ।
हवाई सेवाएं भी प्रभावित
खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा। कई विमानों को कोलकाता में उतरने में परेशानी हुई और कुछ उड़ानों को लंबे समय तक हवा में चक्कर लगाना पड़ा। स्थिति बिगड़ने पर कुछ फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा-झारसुगुड़ा और चंडीगढ़ से आने वाली इंडिगो की उड़ानें भुवनेश्वर भेजी गईं। मुंबई से आने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट भी वहीं मोड़ दी गई, जबकि बागडोगरा से एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान को गुवाहाटी भेजा गया। बाद में मौसम शांत होने पर ये सभी उड़ानें देर रात कोलकाता पहुंचीं।
मौसम के पीछे की वजह
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं तथा दक्षिण-पूर्व दिशा से बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी भरी हवाओं के टकराव से यह स्थिति बनी। इसके साथ ही ओडिशा-बंगाल सीमा पर बने चक्रवातीय परिसंचरण और विदर्भ से पूर्वी मध्य प्रदेश होते हुए उत्तर-पूर्व उत्तर प्रदेश तक फैली ट्रफ लाइन ने इस मौसम को और सक्रिय कर दिया।
अभी और बढ़ेगा असर, सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग के अनुसार, 6 से 9 अप्रैल तक दक्षिण बंगाल में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।
7 अप्रैल: 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं और छिटपुट बारिश
8 अप्रैल: सबसे ज्यादा सक्रिय दिन, 60-70 किमी/घंटा (झोंकों में 80 किमी/घंटा) की रफ्तार से तेज आंधी की संभावना
9 अप्रैल: बारिश में कमी, लेकिन सतर्कता जरूरी
कुछ जिलों-बीरभूम, पूर्व व पश्चिम बर्दवान, बांकुरा, हुगली और हावड़ा में तेज थंडरस्क्वॉल और ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट के बाद फिर बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, मौसम विभाग ने इसे औपचारिक रूप से ‘कालबैशाखी’ घोषित नहीं किया है, लेकिन यह प्री-मॉनसून की एक बड़ी और प्रभावशाली गतिविधि मानी जा रही है, जिसने गर्मी से अस्थायी राहत जरूर दी है।