वाशिंगटन : मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और इसके बजाय 10 सूत्रीय मांगें पेश की हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक तेहरान ने अस्थायी युद्धविराम को नकारते हुए स्थायी समाधान की मांग की है। ईरान का कहना है कि वह संघर्ष खत्म करना चाहता है लेकिन इसके लिए दीर्घकालिक और ठोस समझौता जरूरी है न कि अस्थायी युद्धविराम।
सूत्रों के अनुसार ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से वाशिंगटन को अपनी स्थिति से अवगत कराया। अपनी 10 मांगों में ईरान ने क्षेत्रीय संघर्षों का पूर्ण अंत, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित आवाजाही, आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने और पुनर्निर्माण की गारंटी जैसी शर्तें रखी हैं।
हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को अपर्याप्त बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान अमेरिका की शर्तें नहीं मानता तो गंभीर सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। ट्रंप ने यहां तक कहा कि ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया जा सकता है।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि हम ईरान को तबाह कर देंगे। मैं ऐसा नहीं करना चाहता लेकिन हमारे पास विकल्प नहीं है। हालांकि उन्होंने संभावित कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी देने से इनकार कर दिया।
इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान को समझौते के लिए एक अंतिम समयसीमा भी दी है। उन्होंने कहा कि मंगलवार रात 8 बजे तक का अल्टीमेटम अंतिम होगा। इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बयानबाजी से चिंता बढ़ गई है और क्षेत्र में हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।