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नेपाल सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: पूर्व प्रधानमंत्री ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को 9 अप्रैल तक रिहा करने का आदेश

समर्थकों के जारी विरोध प्रदर्शन के बीच अदालत के फैसले से नेपाल की राजनीति में बढ़ी हलचल

By डॉ. अभिज्ञात

Apr 06, 2026 23:19 IST

काठमांडूः नेपाल की सर्वोच्च अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत के निर्देश के अनुसार उन्हें 9 अप्रैल तक छोड़ा जाएगा। इसी आदेश में पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक की रिहाई भी शामिल है, जिनकी हिरासत की अवधि भी उसी दिन समाप्त हो रही है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों नेताओं की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं को खारिज कर दिया। ये याचिकाएँ क्रमशः ओली की पत्नी राधिका शाक्य और लेखक की पत्नी यशोदा लेखक ने दायर की थीं।

न्यायमूर्ति बिनोद शर्मा और सुनील कुमार पोखरेल की संयुक्त पीठ ने यह निर्णय सुनाया। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए सरकार को निर्देश दिया कि हाल में दी गई 5 दिन की रिमांड अवधि पूरी होते ही दोनों को रिहा किया जाए।

इससे पहले काठमांडू जिला अदालत ने तीसरी बार रिमांड बढ़ाते हुए 5 अप्रैल से 5 दिन का अतिरिक्त समय दिया था। यह अवधि समाप्त होने के बाद 9 अप्रैल को दोनों की रिहाई तय मानी जा रही है।

दोनों नेताओं को 28 मार्च को सितंबर 2025 में हुए प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया था। इन घटनाओं के दौरान हुई मौतों को लेकर जांच जारी है।

देश में ओली की रिहाई को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। उनके समर्थकों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पूर्व न्यायाधीश गौरी बहादुर कार्की की अगुवाई में तैयार रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं और उसे पक्षपातपूर्ण बताया है।

साथ ही प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़, आगजनी और लूटपाट की घटनाओं की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है। कुछ गैर-सरकारी संगठनों की भूमिका की भी जांच करने की बात कही गई है। सरकार ने इन घटनाओं में हुई मौतों के लिए ओली और लेखक पर हत्या से जुड़े आरोप लगाए हैं, जिसके चलते उन्हें जांच के लिए हिरासत में रखा गया था।

इस बीच ओली फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन हैं। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें दिल की धड़कन अनियमित होने की समस्या हुई थी और वे पहले भी 2 बार किडनी प्रत्यारोपण जैसे गंभीर उपचार से गुजर चुके हैं।

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