नई दिल्ली : देश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए विपक्ष द्वारा लाए गए नोटिस को खारिज कर दिया है।
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने आरोप लगाया कि नोटिस खारिज करने के पीछे कोई कारण नहीं बताया गया। उन्होंने इस पूरे मामले में भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा।
डेरिक ओ’ब्रायन ने बताया कि 12 मार्च को राज्यसभा में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर प्रस्ताव पेश किया गया था। इसके अगले दिन लोकसभा में भी इसी मुद्दे पर नोटिस दिया गया। संसद 2 अप्रैल तक चली लेकिन इस गंभीर मुद्दे पर किसी भी सदन में चर्चा नहीं हो सकी।
गौरतलब है कि देश के मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ इस तरह का कदम शायद पहली बार उठाया गया है। ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति को नोटिस भेजा गया था जिस पर कुल 193 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए थे। इनमें लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 सांसद शामिल थे।
संविधान के अनुसार इस तरह के प्रस्ताव के लिए जितने सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं, उससे अधिक समर्थन इस नोटिस को मिला था। इसके बावजूद स्पीकर द्वारा इसे खारिज कर दिया गया जिससे राजनीतिक विवाद और गहरा गया है।