वास्तुशास्त्र के अनुसार, ड्रीम कैचर (Dream Catcher) केवल घर सजाने की शौक़ीन वस्तु नहीं है, बल्कि यह घर में सकारात्मक ऊर्जा ला सकता है। ड्रीम कैचर का गोल हिस्सा 'द सर्कल ऑफ लाइफ' या जीवन चक्र को दर्शाता है। इसका मतलब है कि कर्म के अनुसार इंसान जिस स्थान से यात्रा शुरू करता है, वहीं पर वापस आता है। हालांकि, ड्रीम कैचर का पूरा लाभ पाने के लिए वास्तु के कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक है। अगर इस ड्रीम कैचर का गलत तरीके से उपयोग किया जाए, तो इसके लाभ कम हो सकते हैं। कौन से 5 वास्तु नियमों का पालन करना चाहिए ?
सही दिशा में लटकाएँ
वास्तु के अनुसार ड्रीम कैचर को पूर्व दिशा या उत्तर-पश्चिम दिशा में लटकाना सबसे शुभ होता है। इन दिशाओं में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और घर का वातावरण शांत रहता है।
दीवार पर मत लगाएँ
कई लोग सौंदर्य के लिए ड्रीम कैचर को दीवार पर लगा देते हैं, वास्तु के अनुसार यह गलत है। ड्रीम कैचर को इस तरह लटकाना चाहिए कि वह हवा में झूल सके। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है।
रसोई में रखने की मनाही
ड्रीम कैचर को कभी भी रसोई में नहीं रखना चाहिए। खाना पकाने का धुआं, तेल-मसाले आदि इसके ऊपर जमा होकर इसकी कार्यकुशलता को कम कर देते हैं। सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बाधित हो जाता है।
पंखे के नीचे न लटकाएं
कई लोग पंखे के नीचे ड्रीम कैचर लटकाते हैं ताकि यह हमेशा हिले। लेकिन वास्तु के अनुसार यह सही नहीं है। प्राकृतिक हवा में हिलना शुभ है, लेकिन पंखे की हवा में हमेशा ड्रीम कैचर लटकाने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
खुले स्थान पर रखें, बंद कमरे में नहीं
ड्रीम कैचर का असली अर्थ मुक्ति है। इसलिए इसे ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां प्राकृतिक हवा चलती हो, जैसे-बरामदा या खिड़की के पास। इसे कभी भी बंद कमरे या स्टोररूम में नहीं रखना चाहिए।