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रिकॉर्ड हाई से 50% टूटा टाटा ग्रुप का यह स्टॉक, क्या खत्म हुआ खराब दौर या अभी और है दबाव ?

Zudio ने FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में 107 नए स्टोर खोले। इसके बाद पूरे भारत में इसके कुल स्टोर्स की संख्या बढ़कर 957 हो गई।

By लखन भारती

Apr 07, 2026 13:31 IST

टाटा ग्रुप का ट्रेंट शेयर अपने रिकॉर्ड हाई से 50% से ज्यादा गिर चुका है, जिससे निवेशकों की वेल्थ 1.6 लाख करोड़ रुपए घट गई। तेज स्टोर विस्तार और कैनिबलाइजेशन से परफॉर्मेंस पर दबाव है। ब्रोकरेज सतर्क हैं और मार्जिन, मांग व प्रतिस्पर्धा को लेकर आगे भी कमजोरी की आशंका जता रहे हैं।

कभी निवेशकों को शानदार कमाई कराने वाला टाटा ग्रुप का ट्रेंट लिमिटेड अब दबाव में नजर आ रहा है। सितंबर 2024 तक इस शेयर ने जबरदस्त तेजी दिखाई और निवेशकों का फेवरेट बना रहा, लेकिन अब इसकी रफ्तार थम गई है। पिछले कुछ समय में शेयर में तेज गिरावट आई है, जिससे निवेशकों की बड़ी वेल्थ भी घट गई है। पिछले पांच सालों में ट्रेंट ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिए थे। खासतौर पर 2023 में इसमें 126% और 2024 में 133% की जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी।

लेकिन अब यह तेजी थम चुकी है। शेयर अपने रिकॉर्ड हाई 8,345 रुपए से 50% से ज्यादा गिर चुका है, जिससे निवेशकों की करीब 1.60 लाख करोड़ रुपए की वेल्थ कम हो गई है। 2025 में गिरावट और तेज हुई, जब यह करीब 40% टूट गया। वहीं 2026 में भी कमजोरी जारी है और अब तक इसमें लगभग 18% की गिरावट आ चुकी है। इस गिरावट की एक बड़ी वजह कंपनी का तेजी से स्टोर विस्तार माना जा रहा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, खासकर Zudio के जरिए एक ही शहर में कई स्टोर्स खोल दिए गए हैं। इससे पुराने स्टोर्स को पास में खुले नए स्टोर्स से ही प्रतिस्पर्धा मिलने लगी है। कई जगहों पर इस वजह से बिक्री पर दबाव दिख रहा है और कुछ स्टोर्स में तो नेगेटिव ग्रोथ भी देखने को मिल रही है।

चौथी तिमाही में कंपनी ने खोले 107 नए स्टोर अगर आंकड़ों को आसान भाषा में समझें, तो Zudio ने FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में 107 नए स्टोर खोले। इसके बाद पूरे भारत में इसके कुल स्टोर्स की संख्या बढ़कर 957 हो गई। यानी कंपनी ने सिर्फ एक साल में ही अपने स्टोर्स की संख्या में करीब 25% की बढ़ोतरी की है, जो काफी तेज विस्तार को दिखाता है। सिर्फ एक तिमाही ही नहीं, बल्कि पूरे FY26 में Zudio ने 194 नए स्टोर शुरू किए। इसका मतलब है कि कंपनी देशभर में तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। ज्यादा स्टोर्स खोलने से कंपनी ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है और अपने ब्रांड को मजबूत बना रही है।

हालांकि, इस विस्तार में एक अहम बात यह है कि 194 में से 45 स्टोर ऐसे इलाकों में खोले गए, जहां पहले से ही Zudio के स्टोर मौजूद थे। यानी एक ही पिन कोड या आसपास के इलाके में कई स्टोर्स खोल दिए गए। इससे नए ग्राहकों की बजाय पुराने स्टोर्स के ग्राहक ही बंट जाते हैं। गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, जब एक ही इलाके में नए स्टोर खोले जाते हैं, तो वे पहले साल में कंपनी की कुल बिक्री में ज्यादा नया योगदान नहीं देते। इसकी वजह यह है कि नए स्टोर, पुराने स्टोर्स की बिक्री को ही कम कर देते हैं, जिसे 'कैनिबलाइजेशन' कहा जाता है। इसलिए भले ही स्टोर्स की संख्या तेजी से बढ़ती दिख रही हो, लेकिन उससे मिलने वाला असली फायदा उतना बड़ा नहीं होता जितना आंकड़ों में नजर आता है।

क्या Q4 बदल पाएगा हालात ?

गोल्डमैन सैक्स ने ट्रेंट लिमिटेड पर न्यूट्रल रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस 4,080 रुपए रखा है। ब्रोकरेज के मुताबिक, Q4 FY26 में कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट में सालाना आधार पर गिरावट देखने को मिल सकती है। पिछले चार तिमाहियों (3Q FY26 तक) में कंपनी के स्टोर्स की संख्या करीब 30% बढ़ी, जबकि ऑपरेटिंग खर्च सिर्फ 9% बढ़ा। इसकी वजह दिसंबर 2024 से लागू ऑटोमेशन पहल रही, जिससे लागत में कमी आई थी और इसका पूरा फायदा Q4 FY25 में दिखा था। लेकिन अब Q4 FY26 में इन फायदों की तुलना हो रही है, इसलिए खर्च भी स्टोर विस्तार के साथ करीब 24% बढ़ने की उम्मीद है। इससे EBIT (कमाई) में करीब 9% की गिरावट आ सकती है।

आगे भी बना रह सकता है मार्जिन पर दबाव

आगे FY27 की पहली छमाही में भी मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है। इसकी वजह कच्चे माल की बढ़ती कीमतें हैं। खासतौर पर पॉलिएस्टर महंगा हो रहा है, जो क्रूड ऑयल से जुड़ा होता है। भारत में वैल्यू अपैरल सेगमेंट में 55% से ज्यादा कच्चा माल पॉलिएस्टर या उससे जुड़े उत्पादों का होता है और Zudio का प्रोडक्ट मिक्स भी काफी हद तक इसी पर निर्भर है। कंपनी के लिए कीमतें बढ़ाना आसान नहीं होगा। पहले भी FY23 में महंगाई बढ़ने पर कंपनी ने कीमतें बढ़ाने के बजाय खुद ही लागत का बोझ उठाया था। Zudio के ज्यादातर प्रोडक्ट 999 रुपए से कम कीमत में आते हैं, इसलिए कीमत बढ़ाने की गुंजाइश सीमित है।

Q4 FY26 में कपड़ों की मांग स्थिर बनी हुई है, लेकिन अगर क्रूड ऑयल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो महंगाई बढ़ेगी और इसका असर मांग पर भी पड़ सकता है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि Q4 FY26 में कंपनी की बिक्री करीब 18% बढ़ सकती है। यह बढ़त मुख्य रूप से पुराने स्टोर्स (LFL ग्रोथ) से आएगी। Q4 FY25 में बेस कमजोर था, इसलिए इस बार 3%-4% की LFL ग्रोथ देखने को मिल सकती है। हालांकि, नए स्टोर्स से मिलने वाली ग्रोथ Q3 के मुकाबले थोड़ी कम रह सकती है। Q3 FY26 में कुल 16% ग्रोथ में से करीब 17% हिस्सा नए स्टोर्स से आया था। लेकिन Q4 में यह योगदान थोड़ा घट सकता है क्योंकि स्टोर ग्रोथ की रफ्तार कुछ धीमी हुई है।

सिटी की चिंता: घटती कमाई और बढ़ती प्रतिस्पर्धा

सिटी ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 'सेल' रेटिंग दी है और 3,800 रुपए का टारगेट रखा है। उसके मुताबिक, तेजी से स्टोर बढ़ाने के बावजूद प्रति स्क्वायर फुट कमाई घट रही है। Q3 और Q2 में इसमें क्रमशः 16.1% और 15.5% की गिरावट आई थी, जबकि Q4 में भी 2.8% की कमी दर्ज की गई है। इसके अलावा, बढ़ती प्रतिस्पर्धा, एक ही इलाके में ज्यादा स्टोर (कैनिबलाइजेशन) और छोटे शहरों में विस्तार भी आगे प्रदर्शन पर दबाव डाल सकते हैं।

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