शेयर बाजार में भारी गिरावट का दौर अब भी जारी है। अभी सेंसेक्स 75301 के लेवल पर कारोबार कर रहा है। आज सुबह से लेकर अब तक इसमें 713 अंक या 0.94 परसेंट की गिरावट आ चुकी है। वहीं, निफ्टी भी 0.80 परसेंट या 191 अंक लुढ़ककर लगभग 23624 के स्तर पर है। आज IT सेक्टर सबसे ज्यादा बिकवाली का शिकार हुआ। TCS, Infosys और HCL जैसे बड़े शेयरों में 3 परसेंट से ज्यादा की गिरावट आई है।
आज हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भी शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिला। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 326 अंक लुढ़ककर 75688 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की। इसी तरह से एनएसई के 50 शेयरों वाला बेचमार्क इंडेक्स निफ्टी भी 93 अंकों का गोता लगाते हुए 23723 के लेवल पर खुला।
क्यों गिरा शेयर बाजार ?
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की खबरों से दुनियाभर के बाजारों में डर का माहौल है।
सप्लाई में रुकावट आने के खौफ से ब्रेंट क्रूड 104 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया।
भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 95.62 पर पहुंच गया है, जिससे विदेशी निवेशक (FIIs) लगातार पैसा निकाल रहे हैं।
पीएम मोदी की पेट्रोलियम उत्पादों की समझदारी से इस्तेमाल, सोने की खरीद एक साल तक रोकने की अपील का भी निवेशकों पर असर दिख रहा है।
एशियाई बाजार
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजार ज्यादातर बढ़त के साथ खुले। जापान के निक्केई 225 में 0.2 परसेंट की बढ़त देखी गई, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स 0.54 परसेंट ऊपर चढ़ा। पिछले सेशन की रिकॉर्ड क्लोजिंग के बाद दक्षिण कोरियाई बाजार मजबूत बने रहे। कोस्पी में 2 परसेंट से ज्यादा की तेजी आई, जबकि कोस्डैक इंडेक्स 0.62 परसेंट ऊपर चढ़ा. इस बीच, ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 लगभग बिना किसी बदलाव के कारोबार करता रहा।
अमेरिकी बाजार
पिछले सेशन में अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। S&P 500 में 0.19 परसेंट की बढ़त हुई और यह 7412.84 पर बंद हुआ, जबकि Nasdaq Composite 0.1 परसेंट चढ़कर 26,274.13 पर सेटल हुआ। दोनों इंडेक्स ने इंट्राडे ट्रेड के दौरान नए रिकॉर्ड हाई को छुआ और ऑल-टाइम हाई पर बंद हुए। Dow Jones Industrial Average में भी बढ़त देखने को मिली; यह 95.31 पॉइंट्स या 0.19 परसेंट उछलकर 49704.47 पर बंद हुआ।
अमेरिकी डॉलर
छह विदेशी करेंसी के एक बास्केट के मुकाबले डॉलर की कीमत को मापने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) मंगलवार सुबह 0.07 परसेंट चढ़कर 98.01 पर ट्रेड करता नजर आया। यह इंडेक्स दूसरी करेंसीज के मुकाबले US डॉलर की मजबूती या कमजोरी का आकलन करता है। इस बास्केट में ब्रिटिश पाउंड, यूरो, स्वीडिश क्रोना, जापानी येन, स्विस फ्रैंक जैसी करेंसी शामिल हैं। 11 मई को रुपया 0.83 परसेंट मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 95.31 पर बंद हुआ।
क्रूड ऑयल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के बाद कि ईरान में संघर्ष-विराम अभी भी अनिश्चित बना हुआ है, मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं। खबरों के मुताबिक, उनकी यह टिप्पणी तब आई, जब ईरान में लड़ाई खत्म करने के मकसद से रखे गए एक प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया। इससे यह चिंता बढ़ गई कि मध्य-पूर्व में तनाव लंबे समय तक जारी रह सकता है। इसी के साथ ब्रेंट क्रूड 0.64 परसेंट बढ़कर 104.87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि U.S. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.50 परसेंट की बढ़त के साथ 98.56 डॉलर प्रति बैरल हो गया।