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शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बड़ा मोड़, CBI ने जांच संभाली, SIT गठित

बिहार और उत्तर प्रदेश से तीन आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा 13 दिन की हिरासत में।

By श्वेता सिंह

May 12, 2026 10:03 IST

कोलकाताः पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) ने अपने हाथ में ले ली है। सीबीआई (CBI) ने मामले की गहन जांच के लिए सात सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसका नेतृत्व एक डीआईजी (DIG) रैंक के अधिकारी कर रहे हैं। यह कदम हत्या के लगभग छह दिन बाद उठाया गया, जब शुरुआती पुलिस जांच में इस मामले के कई राज्यों में फैले नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले थे।

भारतीय वायुसेना के पूर्व कर्मी चंद्रनाथ रथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी थे। इनकी 6 मई की रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावर मोटरसाइकिल से आए और फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ियों का इस्तेमाल करते हुए चंद्रनाथ रथ की SUV को रोका। इसके बाद बेहद करीब से ग्लॉक पिस्तौल से फायरिंग की गई। पूरी घटना लगभग 50 सेकंड में अंजाम दी गई।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या से पहले कई दिनों तक पीड़ित की रेकी की गई थी और उनके मूवमेंट की पूरी जानकारी हमलावरों के पास थी, जिससे यह एक सुनियोजित हत्या का मामला माना जा रहा है। पुलिस ने डिजिटल और लोकेशन डेटा के आधार पर तीन आरोपियों-मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह को गिरफ्तार किया है। मयंक और विक्की को बिहार के बक्सर से, जबकि राज सिंह को उत्तर प्रदेश के बलिया क्षेत्र से पकड़ा गया। 10 मई को गिरफ्तारी के बाद 11 मई को तीनों को बारासात कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें 24 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। अदालत ने इस मामले में सबूत नष्ट करने से जुड़ी धाराएं भी जोड़ने की अनुमति दी।

जांच एजेंसियों का अनुमान है कि इस साजिश में कम से कम आठ लोग शामिल हो सकते हैं और यह लगभग 40 लाख रुपये की सुपारी हत्या (contract killing) का मामला हो सकता है। अब SIT अन्य राज्यों में भी जांच और तलाश में जुट गई है।

शुभेंदु अधिकारी ने इस हत्या को “पूर्व नियोजित हत्या” बताते हुए आरोप लगाया कि यह उनके राजनीतिक प्रभाव और हालिया चुनावी घटनाक्रम से जुड़ा मामला हो सकता है। उन्होंने इसे राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने वाला मामला बताया।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए CBI जांच का समर्थन किया, जबकि कांग्रेस ने न्यायिक निगरानी में स्वतंत्र जांच की अपील की। अब CBI की जांच शुरू होने के बाद उम्मीद है कि SIT पूरे मामले की गहराई से जांच कर साजिश, फंडिंग और नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का काम करेगी। यह मामला पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव का भी बड़ा कारण बन गया है और सभी की नजरें अब जांच के नतीजों पर टिकी हैं।

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