नासिकः नासिक स्थित टाटा कंसलटेंसी ( Tata Consultancy Services -TCS) कार्यालय से जुड़े विवादित मामले में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को नासिक रोड कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अदालत में पेशी के बाद उसे नासिक रोड सेंट्रल जेल ले जाया गया।
निदा खान पर TCS के नासिक कार्यालय में कुछ कर्मचारियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न और धार्मिक भावनाएं आहत करने से जुड़े आरोप लगे हैं। मामले की जांच नासिक पुलिस कर रही है और अब तक कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने का दावा किया जा रहा है।
पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद सोमवार को आरोपी को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इससे पहले पुलिस ने उससे कई पहलुओं पर पूछताछ की थी। उसे छत्रपति संभाजीनगर से हिरासत में लिया गया था।
आरोपी पक्ष के वकील मिलिंद कुरकुटे ने बताया कि मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज केस में जमानत याचिका दाखिल कर दी गई है, जिस पर जल्द सुनवाई होगी। वहीं अभियोजन पक्ष लगातार आरोपों की गंभीरता का हवाला देते हुए सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
इस मामले में अब तक पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कुल नौ अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पूरे प्रकरण में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
मामले ने उस समय और राजनीतिक रंग ले लिया, जब महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसात (Sanjay Shirsat) ने AIMIM से जुड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि AIMIM के पार्षद मतीन माजिद पटेल ने निदा खान को संभाजीनगर में छिपाने में मदद की।
शिरसात ने पूर्व सांसद इम्तियाज जलील (Imtiaz Jaleel) पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि निदा खान करीब 43 दिनों तक उनके नेटवर्क की मदद से छिपी रही। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच के लिए SIT गठित करने की मांग की है।
मंत्री ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि एक बड़ी साजिश हो सकती है, जिसकी तह तक पहुंचने के लिए व्यापक जांच जरूरी है। फिलहाल पुलिस सभी आरोपों और बयानों की जांच कर रही है।