मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नवान्न में बैठक की जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इस बैठक में दुष्यंत नारियाला, गृह सचिव संघमित्रा घोष तथा सभी विभागों के सचिवों और प्रधान सचिवों के साथ बैठक की।
बैठक में मनोज कुमार अग्रवाल भी मौजूद थे जो वर्तमान में पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के पद पर कार्यरत हैं।
बैठक के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर उन्होंने कहा कि मेरी हर बात में हां में हां मत मिलाइए। उन्होंने कहा कि जहां जैसी जरूरत हो, वहां उसी अनुसार अपनी राय खुलकर रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रकार की प्रेरित प्रतिक्रिया (अनुप्रेरणना) नहीं, बल्कि अपने विचार सीधे तौर पर रखें। अब सरकार ‘फॉर द पीपल’ (For the People) होगी। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी धन की अनावश्यक बर्बादी रोकने का भी निर्देश दिया।
बैठक में उन्होंने क्या-क्या निर्देश दिया?
- मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाने का निर्देश दिया है, जिसमें मुख्य सचिव सहित सभी विभागों के सचिव शामिल रहेंगे। इस ग्रुप में मुख्यमंत्री खुद भी मौजूद रहेंगे।
- उन्होंने सरकारी अधिकारियों को उनका उचित सम्मान देते हुए सरकार चलाने की बात कही। साथ ही स्पष्ट किया गया कि यदि कोई अधिकारी गलती करता है तो उससे जवाब तलब किया जाएगा या उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि यदि किसी को कुछ कहना हो तो वह सीधे उन्हें बता सकता है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अगर कोई सुझाव हो तो निडर होकर दें। मैं उसे सुनूंगा।
- केंद्र सरकार की जो परियोजनाएं बंद पड़ी थीं, उन्हें जल्द शुरू करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र का फंड जल्द जारी हो, यह भी हम सुनिश्चित करेंगे। अब बातें कम और काम ज्यादा होगा।
- मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के संकल्प पत्र में जो-जो वादे किए गए हैं, उन्हें एक-एक कर लागू करना होगा।
- सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा है कि बिना डरे काम करते रहिए। जो लोग काम करेंगे, मैं हमेशा उनके साथ हूं।
नियुक्ति पर मुख्यमंत्री के निर्देश :
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि लगभग सभी विभागों में नियुक्ति को लेकर समस्याएं हैं और इस विषय पर जल्द काम किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यहां होने वाला हर काम कानून के अनुसार किया जाएगा। Dopt (Department of Personnel and Training) की नियमावली का पालन किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार सचिवों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा सचिव से कहा कि नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और सभी काम नियमों के अनुसार किए जाएं। सूत्रों का दावा है कि बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कई विभागों के कामकाज की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली।