मुंबईः भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को कमजोर शुरुआत की। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में खुले, जिससे निवेशकों में सतर्कता का माहौल देखा गया। यह गिरावट वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 75,637.76 अंक पर खुला, जो पिछले बंद स्तर से 377.52 अंक यानी 0.50 प्रतिशत नीचे रहा। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 93.25 अंक गिरकर 23,722.60 पर खुला।
सेक्टरल इंडेक्स की बात करें तो शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर सबसे बड़ा नुकसान झेलता नजर आया। निफ्टी IT इंडेक्स 1.67 प्रतिशत गिरकर 28,838.85 पर पहुंच गया। इसके अलावा फाइनेंशियल सर्विसेज और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में भी गिरावट दर्ज की गई।
दूसरी ओर, निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 0.61 प्रतिशत की तेजी देखी गई, जिसका कारण सरकार द्वारा घरेलू तेल और गैस उत्पादन पर रॉयल्टी शुल्क में कटौती बताया जा रहा है। मेटल और रियल्टी सेक्टर में भी हल्की बढ़त रही। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की हालिया बचत और संयम की अपील का असर कुछ ऐसे सेक्टरों पर पड़ा है जो उपभोक्ता खर्च पर निर्भर हैं। ज्वेलरी, ट्रैवल और होटल जैसे क्षेत्रों में पहले ही दबाव देखा गया था।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी. के. विजयकुमार के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फार्मा और एफएमसीजी जैसे सेक्टर अपेक्षाकृत सुरक्षित बने रह सकते हैं। बजाज ब्रोकिंग की रिपोर्ट के अनुसार, निफ्टी 23,800 के स्तर के नीचे कारोबार कर रहा है, जिससे बाजार में कंसोलिडेशन या कमजोरी का संकेत मिल रहा है। वहीं बैंक निफ्टी भी अपने प्रमुख सपोर्ट ज़ोन के करीब बना हुआ है।
कमोडिटी मार्केट में ब्रेंट क्रूड 0.69 प्रतिशत बढ़कर 104.93 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि कच्चा तेल 98.88 डॉलर पर कारोबार करता दिखा। सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। कुल मिलाकर, बाजार फिलहाल वैश्विक संकेतों, तेल की कीमतों और घरेलू नीतिगत संदेशों के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है।
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