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भारत के सीफूड निर्यात को नई उड़ान, फ्रोजन झींगा निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर

अमेरिका रहा सबसे बड़ा खरीदार, चीन ने दिखाई सबसे तेज बढ़त। वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय सीफूड की मांग मजबूत। सरकार गुणवत्ता और नए बाजारों पर दे रही विशेष जोर

By डॉ. अभिज्ञात

Jun 28, 2026 20:16 IST

नई दिल्ली: भारत के समुद्री उत्पाद निर्यात क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2025-26 में नई उपलब्धि हासिल की है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग के अनुसार, देश के फ्रोजन झींगा (फ्रोजन श्रिम्प) के निर्यात ने अब तक का सर्वाधिक स्तर हासिल किया। इस दौरान अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार बना रहा, जबकि चीन ने सबसे तेज़ी से उभरते हुए प्रमुख बाजार के रूप में अपनी पहचान बनाई।

अमेरिका शीर्ष बाजार, चीन बना सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन

वाणिज्य विभाग द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए इन्फोग्राफिक के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत से अमेरिका को 1.61 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के फ्रोजन झींगा का निर्यात किया गया। वहीं, चीन को निर्यात बढ़कर 94.16 करोड़ अमेरिकी डॉलर (941.6 मिलियन डॉलर) तक पहुंच गया, जिससे वह भारतीय फ्रोजन झींगा निर्यात के लिए प्रमुख विकास इंजन बनकर उभरा।

भारतीय समुद्री उत्पादों की मांग लगातार मजबूत

वाणिज्य विभाग ने कहा कि भारतीय समुद्री खाद्य उत्पादों की लगातार बनी हुई मांग इस क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और वैश्विक बाजारों में भारत की बढ़ती पहुंच को दर्शाती है। विभाग के अनुसार, भारतीय समुद्री उत्पादों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत स्थिति कायम रखी है।

नए बाजारों पर सरकार का विशेष फोकस

सरकार समुद्री उत्पादों के निर्यात को और बढ़ाने तथा नए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में इस महीने की शुरुआत में विशाखापत्तनम में दो दिवसीय 'चिंतन शिविर' का आयोजन किया गया, जिसमें समुद्री उत्पाद उद्योग, निर्यातकों और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस बैठक में भारत के समुद्री उत्पाद निर्यात को विस्तार देने के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार करने पर चर्चा हुई।

एमपीईडीए अध्यक्ष ने बताई बड़ी उपलब्धि

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) के अध्यक्ष के. एस. श्रीनिवास ने कहा कि वैश्विक व्यापार की चुनौतियों के बावजूद भारत का समुद्री उत्पाद क्षेत्र मजबूत बना हुआ है और लगातार नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल समुद्री उत्पाद निर्यात 19,72,018 मीट्रिक टन रहा, जिसकी कुल कीमत 73,890.46 करोड़ रुपये अथवा 8.46 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज की गई। यह अब तक का सर्वोच्च स्तर है।

वैल्यू एडेड उत्पादों की मांग में तेजी

श्रीनिवास ने कहा कि वैश्विक बाजार में वैल्यू एडेड सीफूड उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। आने वाले वर्षों में निर्यात वृद्धि बनाए रखने के लिए बाजारों में विविधता लाना और अधिक मूल्यवर्धित उत्पादों पर ध्यान देना प्रमुख रणनीति होगी।

गुणवत्ता और निर्यात ढांचे को किया जा रहा मजबूत

वाणिज्य मंत्रालय, मत्स्य पालन विभाग और एमपीईडीए के साथ मिलकर गुणवत्ता मानकों को मजबूत करने, निर्यात अवसंरचना में सुधार, नए बाजारों तक पहुंच बढ़ाने और समुद्री उत्पाद निर्यात में वैल्यू एडेड उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रहा है।

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