ट्राम को सिर्फ कोलकाता के इतिहास नहीं बल्कि इसकी विरासत से जोड़कर देखा जाता है। साल 2024 में कोलकाता महानगर की सड़कों से ट्राम पूरी तरह से गायब होने वाला था लेकिन ऐन मौके पर कलकत्ता हाई कोर्ट के हस्तक्षेप की वजह से यह पूरी तरह से बंद नहीं हुआ।
हालांकि इसका रूट सीमित कर दिया गया था। अब एक बार फिर से 150 साल पुरानी इस विरासत को गर्व के साथ कोलकाता में वापस लाने की कवायद राज्य की भाजपा सरकार ने शुरू कर दी है। इस संबंध में परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी भी दी है।
'उद्योगों का पुनर्जागरण, रोजगार का विस्तार'
अपने सोशल मीडिया पेज से किए गए एक पोस्ट में राज्य के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने लिखा है, 'उद्योगों का पुनर्जागरण, रोजगार का विस्तार - यही भाजपा का संकल्प है।' इसके साथ ही उन्होंने लिखा है कि विरासत के साथ आधुनिकता की यात्रा - कोलकाता की ट्राम फिर लौटेगी। कोलकाता की ट्राम सेवा के पुनर्जीवन के लिए RITES को ब्लूप्रिंट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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मिली जानकारी के अनुसार कोलकाता की इस 150 साल पुरानी विरासत को वापस लौटाने के लिए कई चरणों में कार्य किया जाएगा। पहले चरण में वर्तमान रूट्स पर ट्राम की सेवाओं को फिर से शुरू किया जाएगा। इन सभी रूट्स पर ट्राम सेवाओं को आधुनीकिकरण के साथ दोबारा शुरू करने की योजना बनायी गयी है।
कई नए रूट्स को जोड़ेगी ट्राम
परिवहन मंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया है कि अगले चरण में ट्राम के नेटवर्क में विस्तार करने की योजना है। इसके साथ ही उन्होंने 2 नए रूट्स का भी उल्लेख किया है जहां ट्राम का संचालन शुरू करने के बारे में सोच-विचार किया जा रहा है।
News18 की मीडिया रिपोर्ट में परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह के हवाले से बताया गया है कि पहले वाली सरकार ने ट्राम को फिर से शुरू करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया था। कोई पहल नहीं की थी। इसी वजह से ट्राम सेवा बंद होने के कगार पर पहुंच गयी थी।
हम ट्राम को लेकर फिर से नई योजनाएं बना रहे हैं। इसे लेकर कई योजनाएं हैं। इस ऐतिहासिक धरोहर को कोलकाता में जारी रखने की दिशा में काम तो कर ही रहे हैं, इसके साथ ही रूट्स के विस्तार की दिशा में भी काम किया जा रहा है।