विक्टोरिया : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत रिश्तों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर दोनों देशों के बीच दूरी नहीं बनाता, बल्कि उन्हें जोड़ने का काम करता है। प्रधानमंत्री ने सेशेल्स के साथ समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को लेकर साझा सोच की भी सराहना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स की संसद में संबोधन को अपने लिए विशेष सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि वह इस सदन को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने वर्ष 2015 में अपनी पहली सेशेल्स यात्रा को याद करते हुए कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में आधिकारिक दौरे के लिए चुना गया यह पहला देश था।
उन्होंने कहा कि भारत की हिंद महासागर नीति में सेशेल्स का विशेष स्थान रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक दशक बाद फिर से सेशेल्स आने के बाद यह विश्वास और भी मजबूत हुआ है कि दोनों देशों के बीच संबंध लगातार गहरे हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और सेशेल्स के रिश्तों को केवल कूटनीतिक संबंधों तक सीमित नहीं बताया, बल्कि इसे सदियों पुराने लोगों के बीच जुड़ाव और साझा इतिहास का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की दोस्ती की शुरुआत 50 साल पहले राजनयिक संबंध स्थापित होने से नहीं हुई थी, बल्कि इसका इतिहास इससे कहीं पुराना है।
प्रधानमंत्री ने अगस्त 1770 की उस ऐतिहासिक घटना का उल्लेख किया, जब जहाज ‘थेलिमैक’ से पांच भारतीय सेंट ऐनी द्वीप पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि उस यात्रा ने उन लोगों के लिए रास्ता बनाया, जिन्होंने आगे चलकर आधुनिक सेशेल्स के निर्माण में योगदान दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध सरकारों द्वारा बनाए गए नहीं हैं, बल्कि लोगों ने इन्हें विकसित किया है। परिवारों ने इसे आगे बढ़ाया और पीढ़ियों ने इसे मजबूत किया है।
उन्होंने हिंद महासागर की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, “हिंद महासागर भारत और सेशेल्स को अलग नहीं करता, बल्कि जोड़ता है। यही कारण है कि दोनों देश एक-दूसरे से अजनबी नहीं बल्कि पुराने मित्रों की तरह मिलते हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हें सेशेल्स के स्वतंत्रता दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल होने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि वह सेशेल्स की आजादी के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित समारोह में शामिल होकर प्रसन्न हैं। सेशेल्स ने वर्ष 1976 में ब्रिटेन से स्वतंत्रता हासिल की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 जून से 29 जून तक सेशेल्स की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। यह यात्रा सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर हो रही है।
इस दौरान प्रधानमंत्री सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लेंगे और दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।